2.7 टन वजनी जियुआन तृतीय 02 को एक लॉन्ग मार्च 4बी रॉकेट के माध्यम से सुबह 11.17 बजे (स्थानीय समयानुसार) लॉन्च किया गया। लॉन्ग मार्च कैरियर रॉकेट से यह 228वां प्रक्षेपण था।
ताईयुआन सेंटर ने एक बयान में कहा कि इसके साथ उरुग्वे के दो न्यूसैट सैटेलाइट को भी लॉन्च किया गया। सभी तीनों उपग्रह अपनी-अपनी कक्षाओं में दाखिल हो गए।
जियुआन तृतीय 02 का इस्तेमाल भूमि स्रोत सर्वेक्षण, प्राकृतिक आपदा से बचाव, कृषि विकास, जल संसाधन प्रबंधन तथा शहरी योजना के लिए किया जाएगा।
साल 2030 तक रिमोट सेंसिंग मैपिंग प्रणाली के विकास के क्षेत्र में यह दूसरे उपग्रह का प्रक्षेपण है।
इससे पहले जियुआन तृतीय 01 को जनवरी 2012 में लॉन्च किया गया था।
जियुआन तृतीय उपग्रह के मुख्य डिजाइनर काओ हायी के मुताबिक, नया उपग्रह 2.5 मीटर या उससे लंबी वस्तु की 3-डी तस्वीर लेने में सक्षम है और यह उध्र्वाधर स्थिति में आए विचलन को एक मीटर तक कम कर सकता है।
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