भारत, कतर हाइड्रोकार्बन सहयोग बढ़ाएंगे

दोहा, 5 जून (आईएएनएस)। भारत और कतर हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कदम बढ़ा सकते हैं। कतर के पास दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार है और यह भारत का सबसे बड़ा तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आपूर्तिकर्ता है।

कतर के पास नौ लाख अरब घन फुट गैस भंडार है, जो कुल वैश्विक भंडार का 14 फीसदी है। यह दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक है।

कतर ने पिछले वित्त वर्ष में भारत के कुल एलएनजी आयात में 65 फीसदी योगदान किया था।

भारत अपनी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए खाड़ी देशों के अनुमानित 300 अरब डॉलर के संप्रभु संपत्ति कोष का भी दोहन करना चाहता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव में दोहा में भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कतर के अमीर की भूमिका की प्रशंसा की।

मोदी ने रविवार को कतर के उद्योगपतियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित भी किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के एक ट्वीट के मुताबिक, मोदी ने कहा, “भारत अवसरों की भूमि है। मैं आपको इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आपको व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करने के लिए यहां आया हूं।”

उद्योगपतियों के साथ मोदी की मुलाकात के बाद दूसरे ट्वीट में स्वरूप ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कतर के उद्योगपतियों के साथ एक गोलमेज बैठक में हिस्सा लिया।”

ट्वीट के मुताबिक, “कतर के व्यापार और अर्थव्यवस्था मंत्री ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और भारत के साथ और घनिष्ठ सहयोग में रुचि दिखाई।”

विदेश सचिव एस. जयशंकर ने रवाना होने से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था, “कतर भारत का एक बड़ा आर्थिक साझेदार भी हो सकता है, क्योंकि इसके पास एक विशाल संप्रभु संपत्ति कोष है।”

भारत और कतर का द्विपक्षीय व्यापार 10 अरब डॉलर का है।

दोहा में शनिवार रात एक चिकित्सा शिविर में मोदी ने भारतीय श्रमिकों को संबोधित किया। कतर में 6.3 लाख भारतीय रहते हैं।

अफगानिस्तान से यहां पहुंचे मोदी सात दिवसीय यात्रा के अगले पड़ाव में स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मेक्सिको भी जाएंगे।

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