हिलेरी ने जीती डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी की जंग

वाशिंगटन, 7 जून (आईएएनएस)। अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को डेमोकेट्रिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की जंग जीत ली। इस तरह उनका अमेरिका के 240 वर्षो के इतिहास में ऐसी पहली महिला बनना तय हो गया है जो प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होंगी।

पुर्तो रिको में रविवार को दमदार प्रदर्शन के बाद हिलेरी को सुपरडेलीगेट का अतिरिक्त समर्थन भी मिल गया। इस तरह 68 वर्षीय हिलेरी उम्मीदवार बनने की दिशा में शीर्ष पर पहुंच गईं।

सीएनएन की खबर के अनुसार, हिलेरी को 1812 प्लेज्ड डेलीगेट और 572 सुपर डेलीगेट का समर्थन हासिल है। इस तरह उनके पास कुल 2384 प्रतिनिधि हैं। यह संख्या उम्मीदवारी पाने के लिए जरूरी संख्या से एक अधिक है।

सुपर डेलीगेट वे प्रतिनिधि होते हैं जिन्हें कंवेंशन में शामिल होकर यह बताते का अधिकार होता है कि वे किसे उम्मीदवार के रूप में चाहते हैं। इन्हें पार्टी की उम्मीदवारी के लिए बहुमत हासिल नहीं कर पाने की स्थिति में किसे उम्मीदवार बनाना है, यह तय करने का भी हक होता है।

प्लेज्ड डेलीगेट वे होते हैं जिन्हें राज्य या स्थानीय स्तर पर चुना जाता है और जो डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपने पहले से तय उम्मीदवार के पक्ष में अपना मत देते हैं।

हिलेरी के समर्थक प्रतिनिधियों की संख्या मंगलवार को तब और बढ़ेगी जब अधिक प्रतिनिधि वाले कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी सहित छह राज्यों में मुकाबला होगा।

कैलिफोर्निया के लांग बीच में सोमवार की रात हिलेरी ने कहा कि उनका ध्यान अब भी राज्यों पर है जहां मंगलवार को मतदाता अपना वोट डालेंगे।

उन्होंने कहा, “हम लोग एक ऐतिहासिक अनोखे क्षण के करीब हैं, लेकिन हमारे पास अब भी काम करने हैं, क्या नहीं करने हैं?” उन्होंने कहा, “कल (मंगलवार) हमारे छह चुनाव हैं और हम यहां कैलिफोर्निया सहित प्रत्येक वोट के लिए कड़ा संघर्ष करने जा रहे हैं।

अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला, न्यूयार्क की सीनेटर और पूर्व विदेश मंत्री आधिकारिक तौर पर अगले माह सम्मेलन में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार बनेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से आम चुनाव में मुकाबला करेंगी।

हाल में जनमत सर्वेक्षण से पता चला है कि ट्रंप की तरह ही हिलेरी भी सर्वाधिक अलोकप्रिय उम्मीदवारों में से एक हैं।

बतौर विदेश मंत्री निजी ईमेल सर्वर के इस्तेमाल के मामले से जुड़े विवाद ने हिलेरी की पारदर्शिता और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए हैं।

रिपब्लिकन पार्टी के लोगों का मानना है कि विदेश मंत्री के रूप में हिलेरी की विदेश नीति का रिकार्ड लीबिया और रूस से व्यवहार को लेकर खराब रहा है। इससे उनके उम्मीदवार को बड़ा लाभ पहुंच सकता है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493