(खुसुर-फुसुर)– मप्र में यह जानते हुए भी की हार तय है नेताजी निर्दलीय रूप में चुनाव मैदान में कूद पड़े.फजीहत करवाने के बाद भी उनका मुस्कुराता चेहरा देख सब हैरान थे.खैर इस चुनाव ने यह उन्हें याद दिलवा दिया की उनकी एक वैध पत्नी भी है.खैर जब खबरनवीसों को सूत्रों से पता चला की नेताजी ने अपने संभाग से एक बड़ी रकम चुनाव के नाम पर एकत्र कर ली थी.अब उन्हें यह तो पता था की वे चुनाव हारेंगे लेकिन अपना कद एवं माल दोनों बढाने में वे सफल रहे.
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