रायसेन, 15 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को ‘स्कूल चले हम’ अभियान की शुरुआत के मौके पर अलग ही रंग में नजर आए। एक तरफ उन्होंने स्कूल की घंटी बजाकर अभियान की शुरुआत की, तो सरकारी विद्यालय में पहुंचकर बच्चों के शिक्षक बनकर गणित पढ़ाई। इतना ही नहीं, उन्होंने बच्चों को प्रेरक संदेश भी दिए।
मुख्यमंत्री चौहान सिलवानी की एक शासकीय शाला में गए और उन्होंने बच्चों के शिक्षक बनकर उन्हें महत्वपूर्ण बातें बताईं। चौहान ने ब्लैकबोर्ड पर गणित के कुछ सवाल लिखे और बच्चों से उनके जवाब भी पूछे।
उन्होंने बच्चों से पूछा कि कौन-कौन सुबह उठकर अपने माता-पिता के चरण स्पर्श करता है। उन्होंने बच्चों को सुबह सबसे पहले उठकर माता-पिता के चरण स्पर्श करने को कहा। उन्होंने बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी।
चौहान ने बच्चों को गुरु द्रोणाचार्य, कौरव-पांडव और गांधीजी से जुड़ी घटनाओं पर प्रेरणादायी कहानियां सुनाईं और कहा कि वह लक्ष्य पर एकाग्र होकर आगे बढ़ें, खूब मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी।
सिलवानी की शासकीय प्राथमिक शाला में कक्षा-तीसरी के विद्यार्थी सुमित ठाकुर ने मुख्यमंत्री चौहान को एक चिट्ठी दी, जिसमें उसने बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो गया है और वह आगे पढ़ना चाहता है। उन्होंने सुमित को गले लगाया और कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करे, अब उसकी जिम्मेदारी सरकार की है।
‘स्कूल चले हम’ अभियान की शुरुआत के मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक जोशी और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेंद्र पटवा भी उपस्थित थे।
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