सियोल, 21 जून (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को चेतावनी दी कि यदि पहले उसकी जेल में रह चुके क्रिश्चियन मिशनरी केनेथ बे ने किम जोंग उन के शासन की सार्वजनिक तौर पर आलोचना करना जारी रखा तो वह दो अमेरिकियों को अनिश्चितकाल तक जेल में रखेगा।
सियोल, 21 जून (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने मंगलवार को चेतावनी दी कि यदि पहले उसकी जेल में रह चुके क्रिश्चियन मिशनरी केनेथ बे ने किम जोंग उन के शासन की सार्वजनिक तौर पर आलोचना करना जारी रखा तो वह दो अमेरिकियों को अनिश्चितकाल तक जेल में रखेगा।
एफे न्यूज ने मंगलवार को एक बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया है, “जब तक बे जून हो (केनेथ बे का कोरियाई नाम) उत्तर कोरिया के खिलाफ अपशब्द निकालते रहेंगे, प्योंगयांग अमेरिकी अपराधियों के मुद्दे पर अमेरिका से न तो कोई बातचीत करेगा, न समझौता करेगा और न ही कोई मानवीय कदम उठाएगा।”
बयान में कहा गया है कि जो अमेरिकी नागरिक उत्तर कोरिया की हिरासत में हैं, उनके लिए कभी भी अमेरिका लौटना संभव नहीं हो सकेगा।
उत्तर कोरिया ने जोर देकर कहा है कि यह सिर्फ एक चेतावनी है। उसने दो साल पूर्व रिहा हुए केनेथ बे द्वारा चलाए जा रहे ‘झूठे प्रचार अभियान के लिए’ अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
उत्तर कोरिया में ईसाई धर्म को फैलाने की कोशिशों के आरोप में बे को 15 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। उन्हें दो साल सजा पूरी करने के बाद नवंबर 2014 का रिहा किया गया था। बे ने इस साम्यवादी देश की जेल में बिताए समय के अनुभव पर आधाारित एक पुस्तक लिखी है। उसमें विभिन्न अवसरों पर मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर शासन की आलोचना की गई है।
उत्तर कोरिया का कहना है कि उसने बे को कैदी के रूप मानवीय दृष्टिकोण से हर चीज मुहैया कराई थी। उत्तर कोरिया ने मिशनरी को कृतघ्न एवं विश्वासघाती करार दिया।
इस बीच, अमेरिकी सरकार ने उत्तर कोरिया के नए अल्टीमेटम का जवाब एक बयान जारी कर दिया। अमेरिका ने उत्तर कोरियाई शासन की आलोचना के लिए केनेथ बे की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बचाव किया है।
इसके अलावा अमेरिका ने उत्तर कोरिया से आग्रह किया है कि वह अपने यहां जेल में बंद दो अमेरिकी नागरिकों को मानवीय आधार पर विशेष क्षमादान देते हुए तत्काल रिहा करे।
उत्तर कोरिया में पकड़े गए अमेरिकी नागरिकों में एक वर्जीनिया विश्वविद्यालय का छात्र ओट्टो वार्मबायर (21) है जिसे 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उस पर प्योंगयांग के एक होटल से प्रचार का बैनर चुराने का प्रयास करने का आरोप है।
दूसरा व्यक्ति 62 साल का किम डोंग चुल कोरियाई मूल का अमेरिकी नागरिक है जिसे 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। उसे जासूसी करने और उत्तर कोरिया की समाजिक व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने का आरोप है।
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