स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि इन मामलों में 233 जीका वायरस से संबद्ध हैं। इसमें से अधिकतर मामले पूर्वोत्तर ब्राजील के हैं। ब्राजील के पेरनाम्बुको में सर्वाधिक 366 मामले सामने आए हैं, इसके बाद बाहिया में 263 और पारेबा में 143 मामले हैं।
इस समयावधि में माइक्रोसेफेली के 8,000 से अधिक मामले सामने आए हैं लेकिन इनमें से 3,416 जीका से जुड़े हुए नहीं थे जबकि 3,007 की अभी भी जांच चल रही है।
पिछले सप्ताह ही 103 नए मामले सामने आए, जिसमें से 35 की पुष्टि कर ली गई और 108 को खारिज कर दिया गया।
अक्टूबर 2015 से गर्भावस्था और जन्म के बाद 324 बच्चों को माइक्रोसेफेली से जूझना पड़ा है। इनमें से 86 जीका से संबद्ध हैं।
माइक्रोसेफेली एक जन्मजात विकार है जिसमें बच्चा छोटे सिर और अविकसित मस्तिष्क के साथ पैदा होता है। इस रोग के कई कारण हैं जैसे गर्भावस्था में ड्रग का प्रयोग और रुबेला आदि। ब्राजील में 2015 से ही माइक्रोसेफेली के मामलों में एकाएक बढ़ोतरी देखी गई है और इसका मुख्य कारण गर्भवती माताओं का जीका वायरस की चपेट में आना है।
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