वहीं पिछले साल शी ने रूस के ऊफा में आयोजित 15वीं बैठक के दौरान शी ने सांस्कृतिक विविधता और समान विकास के लिए आपसी विश्वास, आपसी लाभ, समानता, परामर्श और सम्मान के साथ शंघाई स्पिरिट को कायम रखने का आह्वान किया था।
उन्होंने कहा था कि इस भावना के अंतर्गत सुरक्षा उपाय, अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय, अधिवक्ता बहुपक्षवाद, एक-दूसरे के हितों का सम्मान, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का विरोध, शांतिपूर्ण साधनों के माध्यम से विवादों को सुलझाने, और आम विकास का बढ़ावा शामिल था।
वहीं, दुशांबे में सितंबर, 2014 में शी ने सुरक्षा और आतंकवाद का मुकाबला करने के मुद्दे पर कहा था कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता शंघाई सहयोग संगठन की जिम्मेदारी है।
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