चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे पर काम जारी : चीनी राजदूत

बीजिंग, 25 जून (आईएएनएस)। करीब 46 अरब डॉलर की लागत से बनाई जा रही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीईपीसी) का काम जारी है और इससे स्थानीय लोगों को फायदा होगा। चीनी राजदूत ने यह बात कही।

चीन के पाकिस्तान में राजदूत सन वेईडोंग ने सिन्हुआ समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा, “चीन के पाकिस्तान में यह अवसंरचना क्षेत्र की एक बड़ी परियोजना है, जो चीन शिनजियांग प्रांत के काशगर को पाकिस्तान के ग्वादर डीप सी बंदरगाह से जोड़ेगी। इस परियोजना का निर्माण चीन के बेल्ट एंड रोड पहल के तहत किया जा रहा है।”

सन ने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर जल्दी पूरी होनेवाली परियोजनाओं को शुरू किया है जिसमें ऊर्जा और परिवहन की बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं, जो पाकिस्तान की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करेगा।

सन ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में 16 परियोजनाओं को चयन किया गया है, जिन पर पहले काम किया जाएगा। इससे कुल 1.04 करोड़ किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि इनमें से आधी परियोजनाओं पर काम जारी है और इससे पाकिस्तान को बिजली की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।

सन ने बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को बहावलपुर शहर में चीनी कंपनी जेडटीई एनर्जी सौर ऊर्जा संयंत्र का निर्माण कर रही है और हाल ही में इसने 300 मेगावाट उत्पादन इकाई की स्थापना की है, जिससे सालाना 48 करोड़ किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। इससे कम से कम दो लाख पाकिस्तानी परिवारों की रोज की बिजली खपत को पूरी की जा सकेगी।

परिवहन के संबंध में चीनी उच्चाधिकारी ने कहा कि कराकोरम राजमार्ग के दूसरे चरण का निर्माण कार्य जारी है। फिलहाल लाहौर-कराची राजमार्ग के मुल्तान-सुक्कर हिस्से का काम चल रहा है, साथ ही सीमापार ऑप्टिकल केबल परियोजना के भी पाकिस्तानी हिस्से का काम जारी है।

राजनयिक ने कहा कि सीपीईसी के तहत यह सबसे बड़ी परिवहन परियोजना है, जिसका मुल्तान-सुक्कर स्ट्रेच 393 किलोमीटर लंबा है। इसके निर्माण के चरम पर कम से कम 10,000 रोजगार का सृजन होगा।

सन ने बताया कि अपूर्ण आंकड़ों के मुताबिक सीपीईसी परियोजना से मार्च के अंत तक 6,000 पाकिस्तानी मजदूरों को काम मिला है। इसके अलावा अप्रत्यक्ष रूप से भी काफी रोजगार पैदा हुए हैं।

इसके अलावा सीपीईसी परियोजनाओं से जुड़ी चीनी कंपनियां पाकिस्तान के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में साफ पानी, बिजली और यातायात के बेहतर साधनों का इंतजाम करने में जुटी है।

चीन की थ्री ग्रोर्जेस कारपोरेशन और तेबियन इलेक्ट्रिक एपराटस ने सुदूर क्षेत्रों में जेनरेटर, सोलर लाइट और वाटर प्यूरिफिकेशन मुहैया कराया, जबकि चायना रोड एंड ब्रिज कॉरपोरेशन ने अस्थायी पुलों और छोटी नहरों के निर्माण में मदद की और राहत व बचाव कार्यो में भी भाग लिया।

चायना डेवलपमेंट बैंक, हुवेई, चायना स्टेट कंस्ट्रक्शन इंजीनीयिरिंग कारपोरेशन के साथ अन्य चीनी संस्थाएं इसके अलावा पाकिस्तानियों को आगे की शिक्षा चीन में हासिल करने के लिए प्रायोजित कर रही है। इसके अलावा ग्वाडर में स्कूल बसों के लिए दान दिया गया है और शिक्षा कोष का गठन किया गया है, जिसकी स्थानीय आबादी ने काफी प्रशंसा की है।

सीपीईसी जिसमें ऊर्जा, परिवहन पर मुख्य जोर हैं और ग्वादर पोर्ट एंड इंडस्ट्रियल कारपोरेशन ने वित्त, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, गरीबी उन्मूलन और शहरी योजना आदि में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रही है।

सन ने कहा, “सीपीईसी एक पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग है, जो चीन, पाकिस्तान और इस क्षेत्र में विकास और समृद्धि के साथ दोनों देशों की साझा नियति का निर्माण कर रहा है।”

सन ने आगे कहा, “हम चीन और पाकिस्तान के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति को पूरी तरह से लागू करेंगे और चीनी और पाकिस्तानी लोगों के फायदे के लिए सीपीईसी के तहत हो रहे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाएंगे।”

चीनी कंपनियों ने इस परियोजना में 6 सालों में 46 अरब डॉलर का निवेश किया है, जिसमें 33.8 अरब रुपये ऊर्जा परियोजनाओं और 11.8 अरब रुपये अवसंरचना परियोजनाओं में किया गया है। इस समझौते पर दोनों पक्षों द्वारा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा 2014 में चीन दौरे के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।

सीपीईसी चीन के अंतर्राष्ट्रीय ‘वन बेल्ट वन रोड’ (ओबीओआर) पहल का हिस्सा है, जिसके तहत 21वीं सदी के नए रेशम सड़क मार्ग और 21वीं सदी के समुद्री मार्ग का निर्माण भी शामिल है।

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