काराकास, 25 जून (आईएएनएस)। वेनेजुएला के विपक्षी नेताओं ने घोषणा की है कि उन्होंने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के अगले कदम के रूप में जनमत संग्रह की याचिका के लिए पर्याप्त हस्ताक्षर जुटा लिए हैं।
बीबीसी की रपट में कहा गया है कि जनमत संग्रह के समन्यवयक विसेंटे बेल्लो ने शुक्रवार को कहा कि जितने हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं वे ‘स्पष्ट रूप से जरूरी न्यूनतम हस्ताक्षर से अधिक हैं।’
अब प्रक्रिया के तहत इसे निवार्चन अधिकारियों की मंजूरी मिलनी बाकी है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो याचिका के दूसरे चरण के तहत इसे 40 लाख लोगों के हस्ताक्षर के बाद ही जनमत संग्रह कराया जाएगा।
विपक्ष ने बढ़ती महंगाई और खाने-पीने और जरूरी चीजों की कमी का कारण मादुरो की समाजवादी नीतियों को बताया है।
शुरुआती याचिका पर तकरीबन 20 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए थे, जिसे दो मई को निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। लेकिन निर्वाचन अधिकारियों ने इनमें से छह लाख हस्ताक्षरों को फर्जी बताया था।
जिन्होंने इस याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं, उनके पास नेशनल इलेक्शन कौंसिल (सीएनई) में जाकर अपना पहचान पत्र दिखाने या अंगूठे का छाप देने का शुक्रवार तक का वक्त है।
पहले चरण के तहत कुल मतदाताओं में से केवल एक फीसदी या 1,94,728 लोगों की रजामंदी जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अंगुलियों की छाप लेनेवाले केंद्रों पर अपनी पहचान की पुष्टि कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े देखे गए।
विपक्षी नेताओं की मांग है कि राष्ट्रपति को हटाने (रिकॉल) के लिए जनमत संग्रह इसी साल होने चाहिए। क्योंकि आगे हालात बदल जाएंगे।
अगर 10 जनवरी, 2017 से पहले जनमत संग्रह कराए जाते हैं और वह मादुरो के खिलाफ जाता है तो नए चुनाव कराए जाएंगे।
लेकिन अगर 10 जनवरी, 2017 के बाद जनमत संग्रह कराया जाता है तो मादुरो को सत्ता में आए दो साल पूरे हो जाएंगे। इसके बाद उनकी जगह उनके सहयोगी और उपराष्ट्रपति एरिस्ट्रोबुलो इस्टूरिज को राष्ट्रपति बना दिया जाएगा।
मादुरो अप्रैल 2013 में चुने गए गए थे और उनका कार्यकाल 2019 तक है।
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