मुंबई, 25 जून (आईएएनएस)। भारत के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज फुटबाल खिलाड़ी प्रसून बनर्जी ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे की मांग की है।
प्रसून ने आई-लीग से गोवा के क्लब सालगांवकर एफसी और स्पोर्टिग क्लब दे गोवा के बाहर होने के फैसले पर फुटबाल की स्थिति के प्रति चिंता जताई।
संसद के सदस्य प्रसून ने कहा कि वह इस मुद्दे को लोकसभा मानसून सत्र में उठाएंगे और उन्होंने यह भी दावा किया कि एआईएफएफ अध्यक्ष पूर्ण रूप से इस पद के अयोग्य हैं।
वेबसाइट ‘गोल डॉट कॉम’ के अनुसार, प्रसून ने कहा, “प्रफुल्ल को इस खेल से बिल्कुल भी प्यार नहीं है और वह भारतीय फुटबाल संघ के संचालन के लिए पूर्ण रूप से अयोग्य हैं। मैं जोर देकर कहता हूं कि उन्हें इस पद से इस्तिफा दे देना चाहिए और इस मुद्दे को लोकसभा के अगले सत्र में भी उठाऊंगा।”
भारतीय फुटबाल की दो घरेलू टीमों सालगांवकर और स्पोर्टिग क्लब दे गोवा ने आईएएफएफ के घरेलू लीग प्रारूप को नया रूप देने के फैसले को लेकर आई-लीग के अगले सत्र से हटने का फैसला किया है।
इससे पहले पिछले कुछ साल में पुणे एफसी, भारत एफसी, रॉयल वाहिंगदोह भी आई-लीग से बाहर हो चुकी हैं।
प्रसून ने कहा, “गिनिए कि कितनी टीमें पिछले कुछ साल में आई-लीग से बाहर हो गई हैं। कुशल दास जैसे लोगों ने इस खेल के बारे में क्या सीखा है? वह इस मामले में इंदर सिंह जैसे दिग्गज की राय ले सकते थे। इस बात को लिख लीजिए कि मैं इस मुद्दे को अगले माह से शुरू हो रहे मानसून सत्र में उठाऊंगा।”
मोहन बागान के पूर्व खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त प्रसून का मानना है कि एआईएफएफ ने भारतीय खिलाड़ियों के विकास में कोई भूमिका नहीं निभाई है।
प्रसून ने कहा, “लाओस के खिलाफ भारत की जीत की खबर से मैं काफी खुश हुआ था, लेकिन अब खिलाड़ियों का क्या हुआ? ऐसे बंद होते क्लबों के बाद वे कहां खेलेंगे। आईएसएल में इतने सारे विदेशी खिलाड़ी हैं। संघ खिलाड़ियों को नडरअंदाज नहीं कर सकता।”
दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, “उन्होंने मेरा नाम भी तकनीकी समिति में शामिल किया था, लेकिन मुझे उनसे कोई भी पत्र नहीं मिला। अब लोग मुझे कह रहे हैं कि मैं आईएएफएफ के खिलाफ क्यों बोल रहा हूं, जब उनकी वेबसाइट मुझे उनकी तकनीकी समिति का सदस्य दर्शा रही है। इससे पता चलता है कि खेल का संचालन कैसे हो रहा है?”
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