दो बार आईसीजे के न्यायाधीश रह चुके अब्दुल जी. कोरोमा ने सोमवार को कहा कि मध्यस्थ न्यायाधिकरण का निर्णय क्षेत्र में तनाव को कम करने में मददगार नहीं होगा।
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अंतर्राष्ट्रीय विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष और आईसीजे के पूर्व न्यायाधीश पेमाराजू श्रीनिवासा राव की भी यही राय है।
उन्होंने कहा, “इस तरह के मुद्दों खासकर एक लंबी पृष्ठभूमि और इतिहास रखने वाले विवादों को सुलझाने के लिए केवल बातचीत ही सबसे अच्छा तरीका है।”
dharmpath.com dharmpath