सान एंटोनियो में स्थित साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुख्य अन्वेषक स्कॉट बॉल्टन ने कहा कि जूनो बृहस्पति के चारों ओर कक्षा की परिक्रमा कर रहा है।
बॉल्टन ने साथी वैज्ञानिकों से गले लगकर मिशन की सफलता की बधाई दी। उन्होंने कहा, “आप सबसे सर्वश्रेष्ठ टीम हैं। हमने नासा का अब तक का सबसे कठिन काम किया है।”
नासा ने ट्वीट किया, “सफलतापूर्वक, इंजन का प्रज्वलन पूरा हुआ। जूनो अब बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश कर चुका है, और ग्रह के रहस्यों को उजागर करने के लिए तैयार है।”
भारतीय समयानुसार, मंगलवार सुबह 8.48 बजे जूनो ने बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश करने के लिए अपने मुख्य इंजन को चालू किया और 35 मिनट का प्रज्वलन कार्य पूरा कर कक्षा में दाखिल हुआ। प्रज्वलन का समय अनुमानित समय से एक सेंकड के भीतर था।
बृहस्पति की कक्षा में पहुंचने के बाद 1,600 किलो भार का जूनो अपने 20 महीने की अवधि के दौरान 37 बार इस ग्रह के चक्कर लगाएगा।
जूनो का मुख्य इंजन अब बंद हो चुका है और यह कुछ दिनों में वापस चालू हो जाएगा।
यह पहला मौका है, जब एक अंतरिक्ष यान बृहस्पति के पोल्स की परिक्रमा करेगा। यह ग्रह की आंतरिक भाग, रचना और चुंबकीय क्षेत्र के रहस्यों को उजागर करेगा।
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