स्वाइन फ्लू के पीड़ितों की संख्या साल 2013 के आंकड़ों से अभी भी कम है। उस साल एएच1एन1 से 114 लोगों की जान गई थी।
यह विषाणु मूलत: श्वसन तंत्र पर हमला करता है और इससे बुखार, सिरदर्द, हड्डियों व मांसपेशियों में दर्द तथा तेज खांसी होती है।
महामारी के मद्देनजर, मंत्रालय ने दवा दुकानों में फ्लू रोधी दवाओं की खुली बिक्री पर मई में रोक लगा दी, ताकि लोग फ्लू जैसे लक्षण होने पर अपना उपचार खुद न कर सकें।
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