न्यूयार्क, 14 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने दुनिया की आर्थिक राजधानी के दौरे के दौरान भारत के ढांचागत निर्माण के क्षेत्र में निवेश की असीम संभावना बताई, क्योंकि यह भारत के महत्वाकांक्षी ‘मूव इन इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत करता है और अपनी सड़कों एवं बंदरगाहों को विदेशी सहयोग के लिए खोलता है।
इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं बिजनेस काउंसिल ऑफ इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग, जे.पी. मॉर्गन और गोल्डमैन सैक्स द्वारा मंगलवार व बुधवार को आयोजित यहां शीर्ष उद्योगपतियों एवं निवेश से जुड़े पेशेवरों के साथ बैठकों का सिलसिला चला। गडकरी ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि अरबों डॉलर की परिवहन परियोजनाएं भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.6 में विश्व स्तरीय संरचना बनाकर दो अंक की प्रतिशत अंक की वृद्धि कर सकती हैं।
गडकरी ने अमेरिकी निवेशकों को राजमार्ग विकास योजना में शामिल होने का निमंत्रण दिया जिसमें अगले पांच सालों में 150 अरब डॉलर निवेश का अनुमान है। इनमें प्रत्येक निवेशक की जोखिम एवं लाभ की उम्मीद को देखते हुए बहुत सारी परियोजनाएं हैं।
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार दो साल पहले जब से सत्ता में आई है तब से सड़कों, बंदगाहों और जलमार्गो के विकास के लिए बहुत सारी नई प्रक्रियाएं पेश की गई हैं।
इनमें से एक हैब्रिड एनुईटी मॉडल यानी मिश्रित वार्षिक वृत्ति मॉडल है जिसके तहत निजी विकास करने वाले को निर्माण कार्य की अवधि के दौरान परियोजना लागत का 40 फीसदी सरकार की ओर से निर्माण सहायता के रूप में मुहैया कराया जाएगा और 60 फीसदी शेष लागत पर वार्षिक वृत्ति के रूप में सूद सहित संचालन के दौरान भुगतान होता है।
उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र को वैश्विक निवेशकों के लिए खोल दिया गया है। इसमें शत फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की इजाजत है। पांच साल के लिए शत प्रतिशत कर से छूट है और उसके बाद पांच साल के लिए 30 फीसदी राहत है।
उन्होंने कहा, भारत की योजना मौजूदा एक लाख किलोमीटर राजमार्ग को दोगुना करने की है।
गडकरी ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में नए बंदरगाहों का निर्माण, मौजूदा बंदगाहों का आधुनिकीकरण, बंदरगाहों से संपर्क मार्ग बढ़ाना शामिल है। इसमें 14 तटीय आर्थिक जोन में 29 क्लस्टरों के साथ औद्योगिक विकास के जरिए भारत का निवेश दस वर्षो में 110 अरब डॉलर तक बढ़ाने की क्षमता है।
गडकरी ने अन्य समुद्री एवं जलमार्ग निवेश के अवसरों की चर्चा करते हुए जहाज निर्माण एवं मरम्मत एवं समुद्री पर्यटन क्षेत्र में निवेश के अवसर का उल्लेख किया।
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