नीस, 15 जुलाई (आईएएनएस)। फ्रांस के समुद्र तटीय नीस शहर में बास्तील डे (राष्ट्रीय दिवस) के मौके पर आतिशबाजी देखने उमड़े लोगों के बीच एक आतंकवादी असलहों से भरा ट्रक लेकर जा घुसा। ट्रक से उसने कई लोगों को रौंद दिया। इस घटना में 84 लोगों की मौत हो गई और लगभग 150 लोग घायल हो गए, जिसमें 18 की हालत गंभीर है।
राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने इस घटना को आतंकवादी घटना करार दिया है। ओलांद नीस पहुंचकर घायलों से मिले। दुनिया भर के नेताओं ने इस हमले की निंदा की है।
नीस में गुरुवार आधी रात से पहले आतिशबाजी कार्यक्रम के दौरान सफेद ट्रक में सवार आतंकवादी दो किलोमीटर तक लोगों को कुचलता चला गया। सुरक्षाबलों ने ट्रक पर गोलियां चलाईं, आतंकी ट्रक चालक फिर भी नहीं रुका।
बाद में पुलिस ने 31 वर्षीय ट्रक चालक को मार गिराया। हमलावर की पहचान मोहम्मद लाहौजी बोहेल के रूप में की गई है।
इस आतंकवादी हमले के बाद देश में तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई।
फ्रांसीसी मीडिया के मुताबिक, फ्रांस के नागरिक और पर्यटक नीस के मुख्य मार्ग बुलेवार्ड डेस एंगलेज में 14 जुलाई को संगीत एवं आतिशबाजी कार्यक्रम में शामिल होने इकट्ठा हुए थे।
‘फ्रांस 24’ चैनल के मुताबिक, हमलावर ने लोगों को ट्रक से कुचलने के साथ भीड़ पर गोलियां भी बरसाई। हमलावर ट्यूनीशियाई मूल का फ्रांसीसी नागरिक बताया जा रहा है।
फ्रांस के रीजनल (प्रोविंस-एल्प्स-कोट-द-जुर) प्रेजीडेंट और नीस के मेयर क्रिस्टीआन एस्ट्रोसी के मुताबिक, ट्रक से बंदूकें, विस्फोटक और ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। ट्रक से फ्रांस-ट्यूनीशिया के पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।
फ्रांस में नवंबर 2015 में पेरिस में हुए आतंकवादी हमले के बाद से यह सबसे भयावह हमला है। पेरिस हमले में 130 लोगों की मौत हो गई थी और 250 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
ओलांद ने अतिरिक्त तीन महीनों के लिए देश में आपातकाल की अवधि बढ़ा दी है। आपातकाल की अवधि 26 जुलाई को खत्म होने को थी।
सहमे हुए राहगीरों द्वारा बनाए गए वीडियो में गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोलियों से ट्रक के शीशे छलनी हो गए, फिर भी वह लोगों को कुचलता रहा। उन्होंने अपनी आंखों से यह घटना देखी, लेकिन उन्हें हमले के इस तरीके पर विश्वास नहीं हो रहा था।
हमले को अपने अपार्टमेंट से देख चुके टोनी मोलिना ने सीएनएन को बताया, “हमने देखा कि तेज रफ्तार ट्रक लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ रहा है। ट्रक लोगों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ रहा था और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे।”
भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस घटना की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वे इस घटना से शोक संतप्त हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुख की इस घड़ी में फ्रांस के भाइयों एवं बहनों के साथ है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में अमेरिका फ्रांस के साथ खड़ा है। संयुक्त राष्ट्र ने इस जघन्य कृत्य की निंदा की और इसे एक क्रूर और कायराना आतंकवादी हमला करार दिया।
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