मनीला, 19 जुलाई (आईएएनएस)। फिलीपींस ने चीन के साथ दक्षिण चीन सागर विवाद के मुद्दे पर द्विपक्षीय वार्ता का प्रस्ताव मंगलवार को खारिज कर दिया। चीन ने द हेग में स्थाई मध्यस्थता न्यायाधिकरण (पीसीए) के हालिया फैसले को नजरअंदाज करके वार्ता करने की मांग की थी।
फिलीपींस के विदेश मंत्री पर्फेक्टो यासे ने चैनल ‘एएसबी-सीबीएन’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “चीन के विदेश मंत्री ने हमसे मध्यस्थता न्यायालय के फैसले की उपेक्षा करते हुए द्विपक्षीय बातचीत करने को कहा था।”
उन्होंने कहा, “मैने उन्हें बताया कि यह हमारे संविधान और हमारे राष्ट्रीय हित के अनुरूप नहीं है।”
समाचार एजेंसी ‘एफे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीए ने बीजिंग के साथ दक्षिण चीन सागर के क्षेत्रीय विवाद के मामले में 12 जुलाई को फिलीपींस के हक में फैसला सुनाया था और क्षेत्र के संसाधनों पर चीन के ऐतिहासिक अधिकार के दावे को खारिज कर दिया था।
चीन ने इस फैसले को अवैध और अन्यायपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है।
यासे ने कहा कि उन्होंने मंगोलिया में साप्ताहांत में आयोजित एशिया-यूरोप (एएसईएम) शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के अपने समकक्ष वांग यी के साथ बात की थी। चीन के मंत्री ने जोर देकर कहा था कि फिलीपींस पीसीए के फैसले पर कोई बात न करे।
उन्होंने कहा कि वांग ने धमकाया था कि अगर फिलींपीस अपने रुख में बदलाव नहीं करेगा तो दोनों देशों में टकराव हो सकता है। यासे ने जोर देकर कहा कि चीन को इस मामले में अपने रुख पर फिर से विचार करना होगा और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का सम्मान करना सीखना होगा।
यासे ने कहा कि उन्हें अभी भी वैकल्पिक द्विपक्षीय बातचीत की संभावना नजर आ रही है। यासे ने राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते की चीन यात्रा और शी जिनपिंग की फिलीपींस की यात्रा का प्रस्ताव भी रखा।
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