रियो जाने वाले अवतार को नहीं मिला रहा सरकार का साथ

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। छह टूर्नामेंटों के बाद 130 विश्व रैकिंग हासिल करने वाले और एक दशक बाद भारत की तरफ से ओलम्पिक कोटा हासिल करने वाले जूडो खिलाड़ी अवतार सिंह सरकार की तरफ से कोई मदद न मिलने से दुखी हैं।

नई दिल्ली, 21 जुलाई (आईएएनएस)। छह टूर्नामेंटों के बाद 130 विश्व रैकिंग हासिल करने वाले और एक दशक बाद भारत की तरफ से ओलम्पिक कोटा हासिल करने वाले जूडो खिलाड़ी अवतार सिंह सरकार की तरफ से कोई मदद न मिलने से दुखी हैं।

पिछले महीने उजबेकिस्तान में हुई एशियन चैम्पियनशिप में वह कांस्य पदक से चूक गए थे, लेकिन अवतार को पूरा भरोसा है कि वह रियो ओलम्पिक में कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश करेंगे।

गुवाहाटी में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले अवतार ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, “जब तक मैंने रियो के लिए क्वालीफाई नहीं किया था तब तक मुझे सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिला था। मेरे माता-पिता ने मुझ पर अपनी सारी जमापूंजी लगा दी थी। अप्रैल में तुर्की में हुई सैमसन ग्रांप्री के टिकट के लिए उन्होंने सावधि जमा को तुड़वाया था।”

उन्होंने बताया, “लेकिन इसके बाद, मुझे कुछ मदद मिलने लगी और मुझे जॉजिया में अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण के लिए भेजा गया।”

इस जूडो खिलाड़ी ने कहा कि कड़े संघर्ष के बाद मौकों की कमी के कारण उनके प्रदर्शन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा और वह अपना सौ फीसदी देने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “जब मैं ताशकन्द जा रहा था तब मैंने उम्मीद भी नहीं की थी मैं ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर पाऊंगा। लेकिन मैंने उस पांचवें स्थान के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। सईद मोराडी (ईरान) को उच्च स्तर का खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन मैं उन्हें हराने में कामयाब रहा।”

अवतार ने कहा, “मेरी तैयारी पदक के लिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश किसी को मुझ पर भरोसा नहीं था सिर्फ मेरे माता-पिता और मेरे कोच (यसपाल सोलंकी) को छोड़कर, लेकिन मैं सकारात्मक रहा और इसका फायदा मुझे मिला।”

पंजाब पुलिस में काम करने वाले इस उप-निरीक्षक से जब उनकी प्रेरणा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तुरंत जवाब देते हुए कहा, “राष्ट्रीय ध्वज ही मेरी एकमात्र प्रेरणा है।”

उन्होंने कहा, “हर कोई जो देश का प्रतिनिधित्तव करता है वह प्रेरणात्रोत है। हमारे पास कई खिलाड़ी हैं जिनसे मैं प्रेरणा ले सकता हूं जिनमें पहलवान सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, निशानेबाज अभिनव बिंद्रा, महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल शामिल हैं। इन्होंने अपनी सफलता से देश को गौरवान्वित किया है।”

अवतार के कोच और पंजाब पुलिस में उनके साथी सोलंकी ने रियो में अपने शिष्य के अच्छे प्रदर्शन का भरोसा जताया है।

2012 में अर्जुन अवार्ड हासिल करने वाले सोलंकी ने कहा, “जब मैं खेलता था तब वह मेरा जूनियर था। मैंने उसे उसकी लाजवाब प्रतिभा के साथ बड़े होते देखा है। हो सकता है उसके पास शीर्ष स्तर का ज्यादा अनुभव न हो, लेकिन फिटनेस के मामले में वह किसी से पीछे नहीं है।”

भारतीय जूडो संघ (जेएफआई) और सरकार के बीच कमजोर समन्वय पर दुख जताते हुए सोलंकी ने कहा कि अगर भारत के जूडो खिलाड़ियों को सही सुमर्थन मिले तो 2020 में कई खिलाड़ी ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर पाएंगे। सोलंकी ने हाल ही में राष्ट्रीय टीम के कोच पद से इस्तीफा दिया है।

उन्होंने कहा, “हमें टारगेट ओलम्पिक पोडियम स्कीम (टीओपी) के पूरे 60 लाख रुपये की जरूरत नहीं है। आप हमें इसकी आधी कीमत दें, मैं आपको अगले ओलम्पिक में पदक की गारंटी देता हूं। लेकिन यह मदद अगले साल से ही मिलनी चाहिए। ओलम्पिक से छह महीने पहले मदद मुहैया कराने से समाधान नहीं निकलेगा।”

अवतार का 90 किलोग्राम भारवर्ग में मुकाबला 10 अगस्त को होना है। वह भारत के उन आठ जूडो खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्तव किया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493