हिसा, भ्रष्टाचार, अपराध खत्म कर दूंगा : ट्रंप (लीड-1)

क्लीवलैंड, 22 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवारी का नामांकन स्वीकार करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह हिंसा, भ्रष्टाचार, गरीबी, अपराध को खत्म कर देंगे।

यहां रिपब्लिकन नेशनल कॉन्वेंशन (आरएनसी) के चौथे दिन राष्ट्रपति पद के लिए पार्टी की ओर से गुरुवार को नामांकन स्वीकार करते हुए ट्रंप ने अमेरिकी उपमहाद्वीप के देशों में बढ़ती गरीबी, हिंसा और भ्रष्टाचार का जिक्र किया और कहा कि केवल वही इस आपदा को टाल सकते हैं।

मैनहट्टन के इस अरबपति ने अमेरिका में आठ नवंबर को होने वाले चुनाव में जीतने के बाद कामकाजी अमेरिकियों की आवाज बनने और कानून एवं व्यवस्था बहाल करने की बात भी कही।

ट्रंप ने कहा, “व्यवस्था को कोई भी मुझसे बेहतर नहीं जानता। यही वजह है कि मैं अकेले ही इसे दुरुस्त कर सकता हूं। मेरा संदेश यह है कि बदलाव होगा और वह अभी से होगा।”

उन्होंने कहा, “आपके लिए मेरा संदेश है : अपराध व हिंसा, जिसने आज हमारे राष्ट्र को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, जल्द समाप्त होंगे। 20 जनवरी, 2017 से सुरक्षा बहाल होगी।”

ट्रंप ने करोड़ों नए रोजगारों के सृजन का वादा भी किया। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए सड़कों, राजमार्गो, पुलों, सुरंगों, हवाईअड्डों और रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ट्रंप को मंच पर उनकी बेटी इवांका ट्रंप ने परिचित कराया। उन्होंने अपने पिता को ‘लोगों का उम्मीदवार’ बताया।

इवांका ने कहा, “पिछले एक साल से भी अधिक समय से डोनाल्ड ट्रंप लोगों के चैम्पियन बने रहे और आज रात वह लोगों के उम्मीदवार हैं।”

सीएनएन के अनुसार, इवांका ने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को एक बार फिर महान बनाएंगे।”

ट्रंप ने अपने 75 मिनट लंबे भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि प्रवासियों तथा गैर-कानूनी प्रवास के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है और इसके कारण देश में आपराधिक मामले भी बढ़ रहे हैं।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन हासिल करने के बाद दिया गया ट्रंप का भाषण 1972 के बाद सबसे लंबा भाषण है।

फॉक्स न्यूज के अनुसार, ट्रंप इस दौरान अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन पर भी खूब बरसे। विदेश मंत्री के रूप में हिलेरी की विदेश नीति की आलोचना करते हुए ट्रंप ने इराक, सीरिया, मिस्र व लीबिया में अस्थिरता का भी जिक्र किया और कहा कि हिलेरी की विरासत वास्तव में ‘मौत, विध्वंस, आतंकवाद व दुर्बलता’ की है और इसलिए ‘नेतृत्व परिवर्तन’ जरूरी है।

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