अंकारा, 23 जुलाई (आईएएनएस)। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने सैन्य तख्तापलट के संदिग्धों की हिरासत अवधि बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बयान में एक हजार निजी स्कूलों व 1,200 से अधिक संगठनों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
सरकार का यह कदम एर्दोगन के खिलाफ सैन्य तख्तापलट के नाकाम प्रयास व आपातकाल की घोषणा के मद्देनजर सामने आया है।
तुर्की के नेता ने कहा कि आपातकाल से अधिकारियों को नाकाम सैन्य तख्तापलट में शामिल लोगों से प्रभावी ढंग से निपटने, आदेशों को बहाल करने, नए कानून बनाने तथा अधिकारों व स्वतंत्रता को निलंबित करने की मंजूरी मिलेगी।
सैन्य तख्तापलट के प्रयास को लेकर कम से कम 60 हजार सरकारी कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है या उन्हें निलंबित किया गया है।
सरकारी समाचार एजेंसी एनादोलु न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें आधी संख्या शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, निजी स्कूलों के शिक्षकों व विश्वविद्यालय के संकाय प्रमुखों की है।
एजेंसी ने कहा कि 19 व्यापार संगठनों, 15 विश्वविद्यालयों तथा 35 चिकित्सा संस्थानों सहित कई संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
तुर्की की इस कार्रवाई की फ्रांस व जर्मनी के साथ ही यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने आलोचना की है, लेकिन तुर्की ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि कार्रवाई में वैसे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनकी सैन्य तख्तापलट के प्रयास में शत फीसदी भागीदारी थी।
एर्दोगन ने फ्रांस 24 टेलीविजन से शनिवार को कहा कि तुर्की के प्रति यूरोपीय संघ का रवैया पूर्वाग्रहपूर्ण व पक्षपातपूर्ण है।
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