नई दिल्ली, 25 जुलाई (आईएएनएस)। रियो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहलवान नरसिंह यादव के डोप टेस्ट में असफल होने के बाद सोमवार को युवा मामलों एवं खेल मंत्री विजय गोयल (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि नरसिंह के ओलम्पिक में जाने का फैसला उनके मामले को लेकर जारी जांच के पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा।
यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से मुखातिब गोयल ने कहा कि जांच पैनल का गठन कर दिया गया है और वह अपना काम कर रहा है। गोयल ने कहा कि नरसिंह पर अभी अस्थायी प्रतिबंध है और वह रियो के लिए तभी रवाना होंगे, जब नाडा उन्हें आरोपमुक्त बता देगा।
गोयल ने कहा, “राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) इस मामले में अपना काम कर रही है। खिलाड़ी का डोप टेस्ट सकारात्मक आया, जिसके बाद उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया। जब ऐसे मामले आते हैं तो इसके लिए हमारे यहां डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक समिति (एडीडीपी) बनी हुई है। यह समिति खिलाड़ी को अपना पक्ष रखने का मौका देती है। जिसके बाद नाडा के सामने खिलाड़ी का पक्ष रखा जाता है और वह इसकी जांच करता है।”
गोयल ने कहा, “इस मामले में जांच पूरी नहीं हुई है। जब इसकी पूरी जांच हो जाएगी, तब यह तय हो जाएगा की नरसिंह यादव रियो ओलम्पिक में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं। अभी वह अस्थाई तौर पर निलम्बित हैं और अब तक जो हालात हैं, उनके मुताबिक 119 एथलीट ही रियो में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा कि नरसिंह रियो जा सकेंगे या नहीं।”
सोमवार को ही भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने नरसिंह का समर्थन करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। सिंह ने कहा, “मैं मानता हूं कि नरसिंह निर्दोष है। वह ऐसा नहीं कर सकता। हम नरसिंह के लिए न्याय की मांग करेंगे। अगर उसने प्रतिबंधित दवाओं के सेवन से इंकार किया है तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि समिति नरसिंह के साथ न्याय करेगी।”
नरसिंह ने भी अपने ऊपर साजिश का आरोप लगाया है और कहा है कि उन्होंने अपनी जीवन में कभी भी प्रतिबंधित चीजों का सेवन नहीं किया है। वह फिलहाल निलम्बित हैं और मौजूदा हालात के मुताबिक रियो नहीं जा सकते।
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