म्यूनिख, 25 जुलाई (आईएएनएस)। जर्मनी में हाल में हुए आतंकी हमले और एक हफ्ते के अंदर शरणार्थियों से जुड़ी हिंसा की तीसरी घटना सरकार की शरणार्थी मुद्दे पर असमंजस की स्थिति को दर्शाती है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एक सीरियाई शरणार्थी द्वारा अंसबाक शहर में रविवार को किया गया विस्फोट सोच समझकर किया गया कार्य था। खुले आकाश के नीचे एक संगीत समारोह में करीब 2500 लोग जुटे थे। सीरियाई ने खुद को उड़ा लिया, धमाके में 12 लोग घायल हुए।
27 वर्षीय शरणार्थी दो बाद आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। बावारिया प्रांत के गृह मंत्री जोआकिम हर्रमान ने सोमवार को कहा कि इस समय हम यह नहीं जानते कि वह सिर्फ आत्महत्या करना चाहता था या उसका इरादा और लोगों को भी मारना था।
इससे पहले रविवार को एक 21 वर्षीय सीरियाई शरणार्थी को एक हमले के बाद गिरफ्तार किया गया था। माना जा रहा है उसने रिउटलिंगजेन शहर में सनक में ऐसा हमला किया जिसमें एक महिला की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
इस घटना के एक हफ्ते पहले ही एक 17 वर्षीय अफगान शरणार्थी ने एक ट्रेन में कुल्हाड़ी से हमला किया था जिसमें पांच लोग घायल हो गए थे। अपराधी को पुलिस ने मार गिराया। हमला करने वाले की आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंध होने की पुष्टि हुई है।
ये सारी घटनाएं शरणार्थियों से जुड़ी हैं। अब यूरोपीय देशों में यह बहस जोर पकड़ने की संभावना है कि बढ़ते आतंकवाद का स्रोत शरणार्थी हैं।
जर्मनी के कुछ राजनेताओं का अनुमान है कि बढ़ते शरणार्थियों और देश में आकर बसने वालों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए 3000 सुरक्षा कर्मियों की जरूरत है।
जर्मनी सरकार के आंकड़े के अनुसार, वर्ष 2015 में जर्मनी में आव्रजकों की संख्या कुल 20 लाख से भी बढ़ गई। यह इसके पहले के वर्ष से सात लाख अधिक है।
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