बिहार चुनाव इस बार अलग रंग में है जेडीयू के हाल सबसे बुरे हैं ,गठबंधन टूटने की कगार पर है,खबर आ रही है ऐसी स्थिति में भाजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ सकती है ,राहुल गांधी ने हल्ला बोल चुनाव आयोग का टेंटुआ दबा दिया है आयोग अलग घबरा गया है ऐसे में मुश्किल है या कम से कम वह किसी दल की मदद कर पायेगा ,अतः सबसे बड़ा नुकसान जेडीयू को होने वाला है ,भाजपा तो बिहार चुनाव में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ने पर आ जायेगी लेकिन सूत्रों की रिपोर्ट है जेडीयू 15 से 20 सीटों पर सिमट कर रह सकती है.
साल 2020 में एनडीए गठबंधन में जेडीयू ने 115 सीटों पर जबकि बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था. लेकिन 2025 विधानसभा चुनावों में सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूले के मुताबिक़, जेडीयू और बीजेपी दोनों ही 101-101 सीट पर चुनाव लड़ेंगी.
12 अक्तूबर को हुई घोषणा के मुताबिक़, एनडीए गठबंधन में लोजपा (रामविलास) 29 सीटों पर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगी.
बीते दो दशकों से ‘बड़े भाई’ का स्टेटस इंजॉय कर रहे जेडीयू कार्यकर्ताओं के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव लड़ चुके जेडीयू के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहते हैं, ” बड़े भाई-छोटे भाई की तो रहने ही दीजिए. अभी तो सबसे बड़ा सवाल ये है कि जेडीयू बचेगा या नहीं? “
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