(खुसुर-फुसुर )- मप्र के मुख्यमंत्री ने कल जहाँ महिला सशक्तिकरण को लेकर बोल रहे थे ,महिलाओं के लिए उन्होंने पुलिस में 33 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की वहीँ इस कार्यक्रम में उपस्थित महिला पुलिस बल उनके भोजन के पैकेट न आने के कारण भीषण गर्मी में भूखा बैठा रहा.जब सभी आमंत्रित राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भोजन कर चुके तब वहां उपस्थित …
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नेताजी के भोज में शामिल हो घबराए नेता
(खुसुर-फुसुर)– कभी मप्र में जलवे बिखेरने वाले नेताजी के भोपाल घर में विवाह कार्यक्रम का आयोजन था.नेताजी ने इस आयोजन के पीछे अपने पुरानों को साधने की कोशिश की.इन्होने बड़े समूहों के पत्रकारों को स्वयं फुनिया कर निमंत्रित किया और बाकियों को एसएम्एस से सामूहिक निमंत्रण दे कर्तव्य की इतिश्री कर ली.जिन्हें फुनियाया गया था वे तो उत्साहित हो कर …
Read More »मप्र में कांग्रेसी नेता के तेवर
भोपाल- मप्र में कांग्रेस विधायक जो एक स्वयंसेवी संस्था के अध्यक्ष भी हैं और नौ सौ चूहे खाने वाली कहावत के बाद अब हज करने की स्थिति में आये हैं.लेकिन काम करने की फर्जीवाड़े वाला तरीका जनाब का बदला नहीं है.खबर है की किसी भी तरह का लाभ प्राप्त न करने वाली संस्था के भवन निर्माण में महोदय ने कानून …
Read More »नेता जी के घर शादी चर्चा में- निमंत्रण में भी भेदभाव
(खुसर-फुसुर)– भोपाल में एक नेताजी के घर हो रही शादी चर्चा में है.नेताजी कई झटकों के बाद अब इस पारिवारिक कार्यक्रम में मनोयोग से जुटे है.सुना है इसे उन्होंने घर वापसी का कार्यक्रम बना लिया है.नेताजी अपने झूठे वक्तव्यों को दमदार तरीके से मीडिया में देने में माहिर हैं ,लेकिन इस बार मीडिया को निमंत्रण पत्र बजने में पैंतरा दिखाया. …
Read More »माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति की योग्यता पर उठे सवाल
(खुसुर-फुसुर)– मप्र की विधानसभा में हुए कार्यक्रम में प्रबंधन के विषय में माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्रों की टीम पर तानाशाही दिखाने का रवैया सामने आया.सूत्रों ने बताया की माखनलाल में अब नए छात्रों की रुचि कम हुई है.पत्रकारिता विश्वविद्यालय में संस्थानों का न आना या जो आये भी तो कुलपति द्वारा उनके चयन में अडंगा लगा देना चर्चा में …
Read More »कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना-नेताजी ने छोड़ा व्यंग्य तीर
(खुसुर-फुसुर)– भोपाल में हुए एक बेहद खर्चीले और फ्लॉप कार्यक्रम जो मप्र शासन के अधिकारीयों के द्वारा करवाया गया था और मप्र के मुख्यमंत्री की छवि जनता में अच्छी बनाने का एक प्रयास था.लेकिन कार्यक्रम की तासीर के विरुद्ध शासन से फायदा उठाने वाले तत्वों का इस पर कब्ज़ा हो गया और जैसा होता है कार्यक्रम की टांय-टांय फिस्स हो …
Read More »मप्र के मंत्री जी की ठसक
(खुसुर-फुसुर)- मप्र के मंत्रिमंडल में एक मंत्री ऐसे हैं जो पत्रकारों से दूरी बना कर रखते हैं.अभी इनका राज्यमंत्री का दर्जा है लेकिन ये जिस परिवार से आते हैं उसका रुतबा भाजपा में है.महाशय मीटिंग में इतना व्यस्त रहते है की पत्रकारों से इन्हें मिलना का समय नहीं मिलता.पत्रकार बिरादरी में इनकी ठसक की खबर खूब है, जानकारी ताजा करें …
Read More »भोपाल की जनता शहरी क्षेत्र में शराब की दुकानों के विरोध में-प्रशासन और नेता समर्थन में
(खुसुर-फुसुर)– भोपाल की जनता इस समय एक बड़ा आन्दोलन कर रही है,शराब की दुकानों का शहरी क्षेत्र में खोलने का विरोध जनता का विरोध जायज भी है क्योंकि रहवासी क्षेत्रों में शराबी आये दिन बवाल करते रहते हैं.लेकिन साक्षी ढाबे के पास खुलने वाली एक दूकान के विरोध प्रदर्शन के विरोध में मप्र के एक मंत्री के भाई हैं,सूत्रों ने …
Read More »मप्र भाजपा मुख्यालय की प्रथम मंजिल-बढ़ी खुशनुमा चहल-पहल
(खुसुर-फुसुर)-भोपाल स्थित मप्र भाजपा के 7 नम्बर स्टाप स्थित भाजपा मुख्यालय की ऊपरी मंजिल का माहोल बदल गया है.पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष के समय इस मंजिल पर स्थित कमरों में से कोई भी दुसरे कमरे में आता-जाता नहीं दिखता था लेकिन नयी टीम के आते ही माहोल खुशनुमा हो गया.अब किसान मोर्चा के सदस्यों ने अपने एक कमरा छोड़ पड़ोसियों …
Read More »मप्र भाजपा के गृह-मंत्री का नीमच दौरा सवालों में
(खुसुर-फुसुर)– मप्र के गृहमंत्री बाबूलाल गौर की नीमच यात्रा संदेह के घेरे में आ गयी है.आनन्-फानन में इस कार्यक्रम का तय होना एवं घटनास्थल जा कर भी पीड़ित परिवारों के घर न जा उन्हें तवज्जो न देना इस यात्रा के मंतव्य को स्पष्ट कर रहा है.सूत्र बता रहे हैं की पीड़ित कोई भी हों मृत्यु किसी की भी हो लेकिन …
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