अफगानिस्तान दल ने रायसेन जिले में आजीविका गतिविधियों को सराहा

afgan-leaders-raisenअफगानिस्तान से आये शासकीय अधिकारियों के 10 सदस्यीय दल ने हाल ही में रायसेन जिले के ग्रामीण अंचलों का सघन भ्रमण किया। उन्होंने जिला गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम (डीपीआईपी) के अंतर्गत संकुल देहगांव के ग्राम सांकल में गरीब परिवारों के आर्थिक उत्थान के लिए संचालित आजीविका गतिविधियों को देखा और सराहा। इस दल में अफगानिस्तान की वर्ल्डबैंक टास्क मैनेजर सुश्री नायला अहमद, एनएसपी प्रोजेक्ट के प्रमुख श्री सुलेमान सरवरे, एआरईडीपी प्रोजेक्ट के प्रमुख श्री जयेष सहित 10 शासकीय प्रतिनिधि शामिल थे।

अफगानिस्तान दल ने ग्राम सांकल में गठित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा समूह गठन, ग्राम उत्थान समिति का गठन, बैठक संचालन और ग्राम उत्थान समिति में गठित उप समितियों के कार्य करने के तरीकों को जाना। उन्होंने समूह सदस्यों द्वारा समूह के माध्यम से अपनी छोटी-छोटी जरूरतों तथा आजीविका गतिविधियों के संबंध में लिए गए ऋण की जानकारी ली तथा समूह सदस्यों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को देखा। दल ने ग्रामसखी, बुककीपर, ग्राम ज्योति एवं मास्टर ट्रेनर से चर्चा की। ग्राम में समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित की जा रहीं विभिन्न गतिविधियों जैसे अगरबत्ती निर्माण एवं विक्रय, कपड़ा सिलाई, बांस बर्तन, मिट्टी के बर्तन निर्माण, रेडीमेड कपड़ा दुकान, डेयरी, कृषि गतिविधि आदि का निरीक्षण किया एवं उत्पादों को सराहा।

इस दौरान दल के सदस्यों ने स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को बताया कि फिलहाल अफगानिस्तान में महिलाओं को घर से बाहर निकलकर कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है। उन्होंने कहा कि यहाँ की ग्रामीण महिलाएँ खुशकिस्मत हैं कि उन्हें घर से बाहर निकलकर अपने परिवार एवं गाँव के विकास के लिए कुछ कर दिखाने का मौका मिला है। इसके पूर्व जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. एस.डी. खरे ने अफगान दल के सदस्यों को डीपीआईपी परियोजना के प्रथम चरण में किए गए कार्यों तथा द्वितीय चरण में चलाई रही आजीविका गतिविधियों और महिला सशक्तिकरण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। दल ने ग्राम इमलिया स्थित आजीविका बाजार का अवलोकन कर वहाँ समूह सदस्यों द्वारा संचालित की जा रहीं गतिविधियों के बारे में भी चर्चा की।

अफगान दल के सदस्यों ने गैरतगंज स्थित लवकुश क्रॉप प्रोड्यूसर कम्पनी का निरीक्षण भी किया और संचालक मंडल के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने परियोजना के माध्यम से रोजगार एवं स्व-रोजगार प्राप्त युवाओं से भी बातचीत की। दल ने ग्राम पड़रियागढ़ी में कम्पनी के गोदाम का निरीक्षण भी किया। दल के सदस्यों ने इस दौरान लक्ष्मी स्व-सहायता समूह के 13 सदस्यों द्वारा की जा रही सब्जी उत्पादन गतिविधि का अवलोकन किया और सब्जी के विक्रय से होने वाले लाभ के बारे में महिला सदस्यों से चर्चा की। इस दौरान डीपीआईपी के जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. एस.डी. खरे, राज्य समन्वयक श्री हरदीप छावड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भ्रमण में साथ थे।

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