प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयर्गीय द्वारा एक अधिकारी को पीटने से जुड़े घटनाक्रम पर गहरा संज्ञान लेते हुए नसीहत देने में जल्दबाजी कर दी, अब जैसा कहा वैसा न हो सकने के कारण किरकिरी हो रही है. सोशल मीडिया पर यूजर’आप ही निकालोगे न? कहीं नेहरू जी तो बाधा नहीं बनेंगे?’ जैसे कमेन्ट कर रहे हैं. लोग लिख रहे हैं ‘नेहरु जी अंग्रेजों के साथ वेट भी ले जाने देते तो ऐसा नहीं हो पाता?’पीएम मोदी ने कहा था कि किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, जो पार्टी का नाम कम करता है, अस्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने कुछ गलत किया है तो कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि यह सभी पर लागू है. पीएम मोदी की इस बात की जम कर तारीफ़ हुई, लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया, पीएम मोदी की बात ‘केवल बात भर है’, जैसा सन्देश जाने लग गया.
पीएम मोदी की बात पर बीजेपी नेताओं का कहना रहा कि ‘प्रधानमंत्री बहुत नाराज थे. उन्होंने कहा कि बदसलूकी करने, पार्टी को बदनाम करने या सार्वजनिक रूप से अहंकार दिखाने का हक किसी के पास नहीं है. उन्होंने कड़े शब्दों में यह बात कही. साथ ही कहा कि ऐसी हरकतें स्वीकार नहीं है.’ लेकिन अब वैसा नहीं हो रहा तो सवाल उठने स्वाभाविक हैं कि अब वो सख्ती, वो तेवर कहाँ गायब हो गए?
dharmpath.com dharmpath