बालाघाट-मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में मंगलवार का दिन वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से ऐतिहासिक रहा। सीएम मोहन यादव ने सुपखार रेंज के टोपला क्षेत्र में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाई गई चार एशियाई जंगली भैंसों को विशेष बाड़े में छोड़ उनके पुनर्स्थापन अभियान की शुरुआत की। सुबह करीब 9:15 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से गढ़ी के टोपला पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए रिलीज साइट तक पहुंचे। करीब 9:30 बजे औपचारिक कार्यक्रम के दौरान भैंसों को उनके नए आवास में छोड़ा गया।
कान्हा लाए गए इन चार जंगली भैंसों में तीन मादा और एक नर उप वयस्क शामिल हैं। ये सभी करीब 2 हजार किलोमीटर का सफर तय कर असम से मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। वन विभाग के मुताबिक, यह सिर्फ शुरुआत है और फाउंडर पॉपुलेशन के तहत कुल 50 जंगली भैंसों के पुनर्वास का लक्ष्य तय किया गया है। मौजूदा सीजन में आठ भैंसों को स्थानांतरित करने की योजना है। पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक निगरानी में काजीरंगा और कान्हा के अधिकारियों तथा विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में की जा रही है।
dharmpath.com dharmpath