बड़वानी-मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य बड़वानी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने यहां जयस से जुड़े 12 नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने उनपर छात्राओं को चक्काजाम के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 83(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दरअसल, बड़वानी जिले के निवाली में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की 200 से ज्यादा छात्राएं मंगलवार 15 सितंबर की शाम छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर कलेक्टर से मिलने के लिए करीब पांच किलोमीटर पैदल निकल पड़ी थीं। छात्राएं अधीक्षक और सहायक वार्डन को हटाने की मांग कर रही थीं।
अधिकारियों ने छात्राओं को रोकने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि वरिष्ठ अधिकारी उनकी समस्याएं सुनेंगे। लेकिन पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों के उकसाने पर छात्राएं पैदल मार्च पर निकल गईं। करीब पांच किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने छात्राओं को रोका गया।
कलेक्टर के निर्देश पर सर्व शिक्षा अभियान की जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) सोनालिका अचाले, पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया और राजपुर एसडीओपी बीएल अटोडे सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत की, लेकिन छात्राओं ने विरोध जारी रखा और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन आधी रात तक चला।
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