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(खुसुर-फुसुर)– मप्र कांग्रेस कमेटी द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन पर प्रकाशित विवादित विज्ञापन के पीछे की तहें अब खुलनी शुरू हो गयी हैं ,खबरनवीसों को चैन कहाँ वे दिन-रात एक किये रहे और तह तक पहुँच ही गए ,कांग्रेस ने पहले यह आरोप लगाया की यह भाजपा की साजिश है लेकिन बड़े अखबार में छपे विज्ञापन से यह आशंका निर्मूल साबित हुई,उसके बाद विज्ञापन संशोधित कर निकाला गया जो मप्र कांग्रेस कमेटी की तरफ था मसला यह है की आखिर यह विज्ञापन एजेंसी है कौन जिसके द्वारा विज्ञापन जारी किया गया और किस पदाधिकारी ने इसे जारी करने की सहमती दिखाई खुसुर-फुसुर यह है की एक आई टी एक्सपर्ट जो सभी सरकारों में अपनी पैठ रखते हैं वे कांग्रेस शासन में भी खासम-ख़ास बने रहे जब अन्य मीडिया संस्थान संचालक पत्रकार विज्ञापनों के लिए दौड़-भाग करते रहे ये सज्जन आराम से यह कहते नजार आते थे की विज्ञापन हमें नहीं चाहिए,इन्होने अपनी चतुर सुजान योग्यता के चलते मुख्यमंत्री के मीडिया कारिंदों एवं मुख्यमत्री तक को अपने प्रभाव में ले लिया इन्होने अपनी एक नयी मीडिया एजेंसी बनायी और लाभ लेने लगे लेकिन इनके फीडबैक पर बाकी मीडिया संचालकों का बड़ा नुकसान हुआ खैर अंदरखाने में खबर है की इस मसले पर गंभीरता से चिंतन किया गया है और जल्द ही बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक संभावित है.
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