पुतिन के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया:वैश्विक तनाव बढ़ा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखने के आदेश ने यूक्रेन को लेकर तनाव बढ़ा दिया है.

इसी के बाद अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों ने कहा कि वे यूक्रेन को अधिक स्टिंगर मिसाइल और लड़ाकू विमानों समेत हथियारों की आपूर्ति बढ़ा रही हैं.

मालूम हो कि रविवार को शीत युद्ध के बाद लंबे समय से दबे डर को सामने लाते हुए पुतिन ने रूस के परमाणु हथियारों को इस्तेमाल के लिए तैयार रखने का आदेश दिया था.

उन्होंने कहा था कि नाटो ने रूस के प्रति ‘आक्रामक बयान’ दिए थे और रूस पर लगाए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का हवाला दिया.

नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने सीएनएन को बताया कि पुतिन का रूस के परमाणु बलों को अलर्ट रहने की बात कहना खतरनाक है.

गौरतलब है कि आर्थिक प्रतिबंधों के अलावा यूरोपीय संघ ने रूस की एयरलाइनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने पर सहमति व्यक्त की है.

इसके अलावा यूक्रेन भेजने के लिए हथियारों पर करोड़ों यूरो खर्च किए हैं और साथ-साथ क्रेमलिन समर्थक मीडिया संस्थान को निशाना बनाया है जो आक्रमण के बारे में दुष्प्रचार फैला रहे हैं.

यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि आयोग ‘पहली बार’ किसी तीसरे पक्ष के हथियारों की खरीद और वितरण के लिए वित्त पोषण करना चाहता है.

उधर, स्पेन के विदेश मंत्री ने कहा कि देश के परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश ‘पुतिन की पूर्ण तर्कहीनता का एक और संकेत’ है.

एपी के मुताबिक, जोस मैनुएल अल्बेर्स ने सोमवार स्पेन के राष्ट्रीय रेडियो से कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि यह सिर्फ शब्द हों लेकिन इस धमकी का इस्तेमाल करना दिखता है कि पुतिन की तर्कहीनता अकल्पनीय स्तर तक पहुंच गई है.

अल्बेर्स ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या स्पेन, अन्य यूरोपीय संघ के सदस्यों की तरह, यूक्रेन को हथियार या अन्य सैन्य सहायता भेजने के लिए तैयार है?

स्पेन की सरकार ने सप्ताहांत में 20 टन मानवीय सहायता और सैन्य रक्षात्मक उपकरण यूक्रेन भेजे थे.

यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश नीति प्रमुख जे.बोरोल ने एक निजी रेडियो स्टेशन से कहा कि पुतिन का निर्देश ‘गैर जिम्मेदाराना’ है. उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है.

इसी बीच, रूस के कई मीडिया संस्थानों की वेबसाइट सोमवार को हैक कर ली गईं और उनके मुख्य पन्ने पर यूक्रेन पर हमले की निंदा का संदेश पोस्ट कर दिया गया.

सरकारी एजेंसी ‘तास’, क्रेमलिन समर्थक अखबार ‘इज़वेस्तिया’ , समेत कई अन्य संस्थानों की वेबसाइट को सोमवार को हैक कर लिया गया.

एपी के अनुसार, रूस की सेना ने कहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निर्देश के मुताबिक परमाणु रोधी बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर कर दिया गया है.

रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने पुतिन को बताया है कि रूस के सभी परमाणु बलों के कमांड पोस्ट में अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है.

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘हाई अलर्ट’ की स्थिति रूसी परमाणु बलों के सभी घटकों पर लागू होती है जिसमें रणनीतिक मिसाइल बल, उत्तरी और प्रशांत बेडे भी शामिल हैं.

इसके साथ ही, क्रेमलिन ने इस बात से इनकार किया है कि रूसी सेना ने यूक्रेन में आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाया है. हालांकि इस बात के कई सूबत हैं कि रूसी हमलों में आवासीय इमारतें, स्कूल और अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सोमवार को आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी यूक्रेनी राष्ट्रवादी समूहों के सदस्यों द्वारा नागरिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने और आबादी वाले क्षेत्रों में सैन्य उपकरण तैनात करने की वजह से नागरिक हताहत हुए हैं.

वहीं, रूस की जांच एजेंसी ने कहा है कि वह यूक्रेन के बलों द्वारा रूस के युद्ध बंदियों को प्रताड़ित करने के आरोपों की जांच कर रही है.

मुख्य राज्य आपराधिक जांच एजेंसी ‘इन्वेस्टिगेटिव कमेटी’ ने सोमवार को कहा कि वह रूस के युद्ध बंदियों को प्रताड़ित करने वाले लोगों का पता लगाएगी.

इससे पहले, रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल कोनशेनकोव ने इस घटना की ओर इशारा किया था, जिसमें यूक्रेन के बलों ने रूस के कैदियों को कथित रूप से प्रताड़ित किया है और अपराधियों का पता लगाकर उन्हें कानून के दायरे में लाने का संकल्प लिया था.

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493