(खुसुर-फुसुर)– मौकापरस्ती की राजनीति में यकीन रखने और कुछ हद तक पदों की दौड़ में सफल भी रहने वाले प्रशासनिक भाजपा पदाधिकारी ने रीवा की कार्यसमिति में पुनः वह कर दिखाया जिसके लिए वे विख्यात हैं मतलब गड़बड़ी कर डांट खाने में.जब से वे संगठन के पद पर आसीन हुए हैं कमरे में डांट खा कर खीसे निपोरते हुए वे बाहर निकलते नजर आये हैं.लेकिन इस बार वे मंच पर ही धर लिए गए.हुआ यह की घोषणा को मीडिया में प्रथम पहुंचाने का श्रेय लेने की होड़ में वे पदाधिकारी का गलत पद लिख गए और सूचना प्रसारित कर दी.यह सूचना मंच पर मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारी ने पढ़ी और संगठन महामंत्री को सूचित किया.बस भैया की जूतम-पैजार वहीँ मंच पर हो गयी.लेकिन खींसे निपोरने और भ्रष्टाचार करने में आदतन माहिर साहब को कोई असर नहीं हुआ पुनः वे खींसे निपोरते और पान मसाला खाते गम मिटाते रहे.
dharmpath.com dharmpath