पेगासस: एनएसओ ग्रुप के सीईओ का इस्तीफ़ा, कंपनी ने सौ कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

नई दिल्ली: इजरायल की ख़ुफ़िया सॉफ्टवेयर बनाने वाली विवादित कंपनी एनएसओ ग्रुप के सह-संस्थापक शालेव हुलिओ ने सीईओ पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके साथ ही, कुख्यात पेगासस स्पायवेयर को लेकर विवादों में रही यह कंपनी अपने सौ कर्मचारियों की भी छंटनी कर रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनएसओ ग्रुप इसके 700 कर्मचारियों में से सौ को नौकरी से हटा रहा है, वहीं कंपनी के ‘चीफ ऑपरेटिंग अधिकारी’ यारोन शोहात अंतरिम आधार पर फर्म का कामकाज और प्रबंधन देखेंगे.

इजरायली वेबसाइट कैलकलिस्ट के मुताबिक, हुलिओ कंपनी का हिस्सा रहेंगे और विलय (Mergers) और अधिग्रहण (Acquisitions) की जिम्मेदारी संभालेंगे. रिपोर्ट में बताया गया है, ‘अपनी नई भूमिका में हुलिओ की जिम्मेदारी कंपनी के लिए नया मालिक ढूंढने में मदद करने की होगी. नए सीईओ शोहात छंटनी के साथ-साथ कंपनी की पुनर्गठन प्रक्रिया संभालेंगे.’

रॉयटर्स ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कंपनी बोर्ड द्वारा नया सीईओ चुने जाने तक शोहात कंपनी के प्रमुख रहेंगे.

हालांकि इससे पहले की रिपोर्ट्स में कैलकलिस्ट ने यह दावा करते हुए कि कंपनी साल 2022 में लगभग 150 मिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त करेगी, कहा था कि अब एनएसओ अपने अंतिम चरण में है.

मालूम हो कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंसोर्टियम, जिसमें द वायर भी शामिल था, ने पेगासस प्रोजेक्ट के तहत यह खुलासा किया था कि इजरायल की एनएसओ ग्रुप कंपनी के पेगासस स्पायवेयर के जरिये दुनियाभर में नेता, पत्रकार, कार्यकर्ता, सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के फोन कथित तौर पर हैक कर उनकी निगरानी की गई या फिर वे संभावित निशाने पर थे.

इस कड़ी में 18 जुलाई 2021 से द वायर सहित विश्व के 17 मीडिया संगठनों ने 50,000 से ज्यादा लीक हुए मोबाइल नंबरों के डेटाबेस की जानकारियां प्रकाशित करनी शुरू की थी, जिनकी पेगासस स्पायवेयर के जरिये निगरानी की जा रही थी या वे संभावित सर्विलांस के दायरे में थे.

इस पड़ताल के मुताबिक, इजरायल की एक सर्विलांस तकनीक कंपनी एनएसओ ग्रुप के कई सरकारों के क्लाइंट्स की दिलचस्पी वाले ऐसे लोगों के हजारों टेलीफोन नंबरों की लीक हुई एक सूची में 300 सत्यापित भारतीय नंबर हैं, जिन्हें मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, न्यायपालिका से जुड़े लोगों, कारोबारियों, सरकारी अधिकारियों, अधिकार कार्यकर्ताओं आदि द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा है.

बता दें कि एनएसओ ग्रुप मिलिट्री ग्रेड के इस स्पायवेयर को सिर्फ सरकारों को ही बेचती हैं. भारत सरकार ने पेगासस की खरीद को लेकर न तो इनकार किया है और न ही इसकी पुष्टि की है.

यह खुलासा सामने आने के बाद देश और दुनियाभर में इसे लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था.

इसके बाद अमेरिका ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करते हुए कहा था कि एनएसओ के सॉफ्टवेयर के जरिये ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दमनकारी कार्य किए जा रहे हैं.’ इसके साथ ही एनएसओ के खिलाफ एप्पल और मेटा जैसी बड़ी कंपनियों ने मुक़दमे में दायर किए हुए हैं.

कंपनी ने एक बयान में पुष्टि की है कि ‘आगे की चुनौतियोंसे निपटने के लिए पुनर्गठन की प्रक्रिया और छंटनी की जा रही है.

हुलिओ एक साल से भी कम समय के अंदर इस्तीफ़ा देने वाले दूसरे सीईओ हैं. 11 नवंबर 2021 को तत्कालीन सीईओ इत्जिक बेनबेनिस्टी ने उन्हें नियुक्त किए जाने के दो सप्ताह के भीतर ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका निर्णय अमेरिका द्वारा कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद आया था.

इसके बाद इस साल जनवरी में एनएसओ ग्रुप के अध्यक्ष एशर लेवी ने इजरायल के एक दैनिक में प्रकाशित उस रिपोर्ट के बाद पद से इस्तीफा दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि देश की पुलिस ने भी पेगासस खरीदा और इसका इस्तेमाल अपने नागरिकों के खिलाफ किया था.

हालांकि लेवी का कहना था कि उनके इस्तीफे की योजना महीनों पहले बन गई थी और इसका हाल की घटनाओं से कोई संबंध नहीं था.

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