ईसाइयों के सबसे बड़े धर्म गुरु और वेटिकन सिटी के मुख्य प्रशासक पोप फ्रांसिस का समलैंगिकों पर बयान नई बहस शुरू कर सकता है.पोप ने कहा है कि वेटकिन एडमिनिस्ट्रेशन में एक ताकतवर गे लॉबी है, जो लगातार फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश करती है. पोप ने यह भी कहा कि प्रशासन में भ्रष्टाचार भी जड़ें जमा चुका है. न्यूज एजेंसी एकेआई ने पोप के हवाले से यह खबर दी है.
खबर के मुताबिक इस कुबुलनामे के साथ पोप फ्रांसिस ने यह भी कहा कि इस सच को स्वीकार करना कठिन था. पोप का बयान कुछ इस तरह से था, ‘हां, यह कठिन है. यहां कई पवित्र लोग भी हैं, वाकई में, यहां पवित्र लोग हैं. लेकिन यहां भ्रष्टाचार भी है, यहां भ्रष्टाचार है, यह सच है.. यहां समलैंगिकों की लॉबी भी है, हां यह सच है, यह यहां है… हमें यथासम्भव इसे ठीक करने की जरूरत है.’
पोप फ्रांसिस ने करप्शन और गे लॉबी की बात तो बताई, मगर इसे रोकने के लिए वह क्या करेंगे, इसके बारे में चुप ही रहे.फ्रांसिस लैटिन अमेरिका एंड कैरिबियन कन्फेडरेशन ऑफ रिलिजियस मेन एंड वूमेन (सीएलएआर) के सदस्यों के साथ बातचीत कर रहे थे, तब उन्होंने यह बात कही. इसके साथ ही उन्होंने वेटिकन प्रशासन में सुधार की जरूरत पर भी बल दिया.
इससे पहले पिछले साल फरवरी में वेटिकन ने इटली की मीडिया को उस खबर पर फटकार लगाई थी, जिसमें पूर्व पोप बेनेडिक्ट 16वें द्वारा अधिकृत एक गोपनीय रपट के हवाले से वेटिकन प्रशासन में समलैंगिकों की शक्तिशाली लॉबी होने की बात कही गई थी.
dharmpath.com dharmpath