भारत के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का मानना है कि उनकी कामयाबी का राज ‘चीजों को सामान्य रखने’ में छिपा है। जडेजा ने इससे उन्हें यहां वेस्ट इंडीज के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी मैच में मंगलवार को करियर की बेस्ट बॉलिंग करते हुए पांच विकेट चटकाने में मदद मिली। जडेजा ने मैच के बाद कहा, ‘यह मेरा बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन है और मैं इसे लेकर काफी खुश हंू। मैं तीन बार चार-चार विकेट चटकाए लेकिन यह प्रदर्शन खास है। मैंने चीजों को सामान्य रखने का प्रयास किया।’
हालात से तालमेल बैठा बेस्ट करता हूं : जडेजा ने कहा, ‘मैंने सिर्फ सही लाइन के साथ बॉलिंग करना चाहता था और मैंने ऐसा किया। ओवल का विकेट सूखा था और इससे स्पिनरों को मदद मिल रही थी। आसमान में बादल छाए होने के बावजूद मैं स्थितियों को लेकर हैरान नहीं था। पिछले छह महीने में मैंने अपने खेल पर काफी काम किया है। मैंने हमेशा चीजों को सामान्य रखने की कोशिश की। इससे पहले मैं काफी अधिक रणनीति बनाता था और सब कुछ गड़बड़ा जाता था। अब मैं सिर्फ मैच खेलने उतरता हूं और हालात से तालमेल बैठाता हूं और अपना बेस्ट करता हूं।’
खुश हूं कैप्टन की उम्मीदों पर खरा उतरा : ऑलराउंडर जडेजा ने उनकी क्षमता पर भरोसा करने के लिए भारत के कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘माही भाई (धोनी) काफी सोच समझकर फैसले करने वाले कैप्टन हैं। वह आपकी क्षमता को काफी अच्छी तरह पढ़ सकते हैं मुझे खुशी है कि मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतर रहा हूं। मैं हालांकि अब तक यह नहीं जान पाया हूं कि वह मुझे सर जी क्यों कहते हैं।’
हमारी ताकत है हमारी चुस्त फील्डिंग : उन्होंने कहा, ‘मैं किरोन पोलार्ड और क्रिस गेल जैसे वेस्ट इंडीज के बड़े हिटर से डरा नहीं था। यह हमेशा बेहतर रहता है कि आप इस बारे में सोचें कि आप क्या कर सकते हैं और बैट्समैनों की चिंता मत करो। मैं सटीक लाइन से बॉलिंग करने में सफल रहा और इस कारण ही बैट्समैनों ने गलतियां कीं। हमारी ताकत हमारी चुस्त फील्डिंग है। हमारे फील्डर खासे फुर्तीले हैं। हमारे पास एक भी ऐसा खिलाड़ी नहीं है, जिसे हमें फील्डिंग के दौरान बचाने की जरूरत पड़े। हमारी टीम में सही संतुलन है और यह हमारे लिए सबसे फायदे की स्थिति है।’
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