कर्मचारी भविष्य निधि के पैसों के लिए अब पीएफ दफ्तर के चक्कर लगाने के झंझट से जल्द ही निजात मिलने वाली है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) करीब पांच करोड़ पीएफ खाताधारकों को राहत पहुंचाते हुए आगामी 1 जुलाई से पीएफ फंड के ऑनलाइन ट्रांसफर और निकासी की सुविधा भी देने जा रहा है।
खाताधारकों के आवेदनों का निपटारा भी अब एक निश्चित समय सीमा के अंदर किया जाएगा। यही नहीं, पीएफ खाते के विवरण को पिछले नियोक्ता से सत्यापित कराने की जिम्मेदारी अब ईपीएफओ की होगी।
फिलहाल यह जिम्मेदारी कर्मचारियों की होती है। केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) अनिल स्वरूप ने कहा कि विवरण सत्यापन की जिम्मेदारी ईपीएफओ पर होने से खाताधारकों का आवेदन जल्द निपटाने में मदद मिल सकेगी।
ऑनलाइन हस्तांतरण के बारे में उन्होंने बताया कि ईपीएफओ करीब पांच करोड़ पीएफ खाताधारकों को राहत पहुंचाते हुए 1 जुलाई, 2013 से फंड के ऑनलाइन ट्रांसफर और निकासी की सुविधा भी देने जा रहा है।
स्वरूप ने कहा कि ज्यादातर लोगों को नौकरी बदलने के बाद खाता हस्तांतरण में दिक्कत आती है। इसलिए संगठन ने एक केंद्रीय क्लियरेंस हाउस तैयार करने पर विचार किया है, जो प्रॉविडेंट फंड के निपटारे, खाता हस्तांतरण और निकासी में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा मददगार साबित होगा।
खाताधारक अपने आवेदन की वस्तुस्थिति संबंधित जानकारी भी कंप्यूटर पर ऑनलाइन हासिल कर सकेगा। ईपीएफओ को सभी दावा आवेदन एक निश्चित समय सीमा के अंदर निपटाने होंगे।
उद्योग संगठन पीएचडीसीसीआई के एक कार्यक्रम में आए अनिल स्वरूप ने बताया कि ईपीएफओ के कामकाज में पारदर्शिता दर्शाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।
पीएफ खाताधारकों को अधिक ब्याज देने के लिए पीएफ निवेश की प्रक्रिया में हाल में बदलाव भी किया गया है।
अगले वर्ष से मिलेगा स्थायी खाता नंबर
नौकरी बदलने के साथ नया भविष्य निधि खाता खोलने की परेशानी भी अगले वर्ष से समाप्त हो सकती है। ईपीएफओ खाताधारकों को एक स्थायी पीएफ खाता नंबर देकर यह राहत देने की तैयारी कर रहा है।
इससे नौकरी या स्थान बदलने पर नए पीएफ खाते की जरूरत नहीं पड़ेगी। ईपीएफओ के मुताबिक अगले 8-10 माह में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
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