कोलकाता-पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार राजधानी कोलकाता की उन सड़कों के नाम बदलने पर विचार कर रही है, जिनका नामकरण पहले की वामपंथी सरकारों के दौरान कम्युनिस्ट नेताओं के नाम पर किया गया था. इस मामले की जांच के लिए बनी 10 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष स्वामी प्रदीप्तानंद ने कहा कि हमें लेनिन, कार्ल मार्क्स और हो ची मिन्ह के नाम पर रखे गए सड़कों के नाम बदलने के लिए कई प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और उन पर विचार किया जा रहा है.
त्रिपुरा और मेघालय के पूर्व राज्यपाल और समिति के वरिष्ठ सदस्य तथागत रॉय ने कहा कि समिति वामपंथियों द्वारा लिए गए गलत फैसलों की भरपाई करने का प्रयास करेगी. उन्होंने एएफपी से कहा, “लेनिन,मार्क्स और हो ची मिन्ह के सम्मान में रखे गए सड़कों के नामों को निश्चित रूप से बदला जाएगा.” 1970 के दशक में वियतनाम युद्ध के दौरान पश्चिम बंगाल की तत्कालीन कम्युनिस्ट सरकार ने कुछ सड़कों के पुराने नामों को बदलकर उन्हें कम्युनिस्ट नेताओं के नाम दिए थे.
तथागत रॉय ने कहा कि हो ची मिन्ह स्ट्रीट का नाम बदलकर, अमेरिका के नागरिक अधिकार कार्यकर्ता मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नाम पर रखा जा सकता है. लेनिन स्ट्रीट का नाम बदलकर देबप्रसाद घोष के नाम पर रखा जा सकता है जो एक गणितज्ञ और भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष थे. कार्ल मार्क्स स्ट्रीट का नाम बदलकर माइकल मधुसूदन दत्त के नाम पर रखा जा सकता है, जो 19वीं सदी के मशहूर बंगाली कवि हैं.
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