अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में बुधवार को छपी एक इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट के बाद लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक ख़ास प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.
राहुल गांधी ने इस दौरान दावा किया कि वो लगातार तीन सालों से सुबूत के साथ ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते रहे हैं और अब दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है.
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस का जवाब देने के लिए बीजेपी की ओर से सुधांशू त्रिवेदी आए. उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक दृष्टि से विवेक शून्य बताते हुए कहा कि “एंटी इनकंबेंसी कांग्रेस के ख़िलाफ़ हमेशा से मज़बूत रही है, लेकिन जब से पारदर्शी चुनाव हो रहे हैं तब से उनको सत्ता में आने के लाले पड़ गए हैं.”
कांग्रेस नेता ने इस दौरान फ़रवरी 2025 से लेकर अब तक उन प्रेस कॉन्फ़्रेंस और कार्यक्रमों का ज़िक्र किया जब-जब उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया था.
राहुल गांधी ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी अपनी लोकप्रियता के शिखर पर भी चुनाव हारीं लेकिन बीते कई चुनावों के बाद ‘एंटी-इनकंबेंसी’ जैसे ख़त्म सी हो गई है.
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा मांगते हुए कहा कि लोकतंत्र को बर्बाद नहीं होने देना है. साथ ही राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से मांग करते हुए कहा कि वो सरकार गवाह बन जाएं.
चुनाव आयोग की भूमिका पर विपक्षी दल पहले से सवाल उठाते रहे हैं.
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