नई दिल्ली – IPAC से जुड़े ईडी रेड केस में बुधवार (18 मार्च, 2026) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के I-PAC रेड में हस्तक्षेप पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा, मुख्यमंत्री का ऐसे मौके पर पहुंचना उचित नहीं, इससे जांच प्रक्रिया और संस्थानों की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने फिर से समय मांगा, जिस पर वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और एन वी अंजारिया की बेंच के सामने अपील रखी. इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बार-बार समय मांगकर देरी की जा रही है और मामले में मुख्यमंत्री पर गंभीर सवाल हैं. वहीं, कोर्ट ने रेड के दौरान ममता के पहुंचने को ठीक नहीं बताया और इसे असामान्य स्थिति कहा.
8 जनवरी 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता स्थित राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के कार्यालय और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की. ये छापे 2020 के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत किए गए, जिसमें कारोबारी अनुप माजी का नाम सामने आया था.
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