लंदन, 13 जनवरी (आईएएनएस)। वैज्ञानिकों ने एक सुपरनोवा के केंद्र (कै्रब पल्सर) से अबतक के सबसे ऊर्जावान प्रकाश की खोज की है, जो पृथ्वी से 6,500 प्रकाश वर्ष दूर है।
क्रैब पल्सर किसी भारी तारे के महानोवा (सुपरनोवा) घटना के बाद उसके गुरुत्वीय पतन से बना हुआ अवशेष होता है।
इसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से 1.5 गुना अधिक, 10 किलोमीटर व्यास वाली वस्तु में केंद्रित तथा प्रति सेकंड 30 बार घूर्णन करता है।
यह अति तीव्र चुंबकीय क्षेत्र से घिरा होता है, जिसकी क्षमता सूर्य से 10 हजार अरब गुना अधिक होती है।
स्पेन में बार्सिलोना के इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस साइंसेज (आईईईसी-सीएसआईसी) के एम्मा दे ओना विल्हेल्मी ने कहा, “इस घटना को समझने के लिए हमने मैजिक के साथ क्रैब पल्सर का गहरा अवलोकन किया। हम फोटॉन की अधिकतम ऊर्जा की गणना करना चाहते थे।”
बार्सिलोना के आईसीसीयूबी-आईईईसी के रॉबर्टा जेनिन ने कहा, “अध्ययन के दौरान उसकी ऊर्जा एक हजार अरब इलेक्ट्रॉन वोल्ट से भी अधिक पाई गई, जो पिछली बार की गणना से कहीं अधिक है।”
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