पणजी, 6 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि संविधान के निर्माता बी.आर. अंबेडकर और आरएसएस के संस्थापक के.बी. हेडगेवार एक समान हैं और उन्होंने हमेशा देश को सर्वोपरि माना।
भागवत पणजी के बाहरी इलाके बम्बोलिम में के.बी. हेडगेवार स्कूल के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “अंबेडकर जैसा ज्ञान कुछ ही लोगों के पास हो सकता है। हमारे संविधान की रचना में उनकी सबसे बड़ी भूमिका है। उन्होंने अपने समुदाय के हजारों लोगों को दासता से मुक्ति दिलाई।”
संघ प्रमुख ने कहा, “उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई की। जीतोड़ मेहनत की लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा का उपयोग अपने लिए नहीं बल्कि देश व समाज के लिए किया।”
भागवत ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर की तरह केशव बलिराम हेडगेवार ने भी बचपन से ही भारत को सही पथ पर आगे बढ़ाने की दिशा में नि:स्वार्थ भाव से काम किया।
उन्होंने कहा, “वह एक बालक के रूप में नागपुर में वंदे मातरम् आंदोलन में शामिल हुए, जिसके बाद ब्रिटिश हुकूमत ने नागपुर में सारे स्कूल बंद कर दिए।”
उन्होंने कहा कि हेडगेवार को स्कूल से इसलिए निष्कासित कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने आंदोलन में शामिल होने के लिए माफी मांगने से इंकार कर दिया था।
भागवत ने कहा, “भारत में हमारे पास एक प्राचीन शिक्षा प्रणाली या पद्धति थी। यह बहुत प्रभावी थी, लेकिन विदेशी आक्रमणकारियों ने इसकी कमर तोड़ दी। शिक्षा प्रद्धति भारत को दासता से बाहर निकालने में सक्षम होनी चाहिए।”
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