लखनऊ, 9 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्वीकृत व निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्तमान वित्तवर्ष में न्यूनतम 1,500 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना के लिए धनराशि की उपलब्धता में कटौती किया जाना जनहित में नहीं होगा।
इस संबंध में प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में अखिलेश ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अवस्थापना सुविधा की पूर्ति के लिए पेयजल कार्यक्रम को गतिशील एवं लक्ष्य के मुताबिक क्रियान्वित कराया जाना आवश्यक है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने यह उल्लेख भी किया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तवर्ष 2014-15 में कुल 103836़53 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त हुई थी।
उन्होंने कहा है, “कार्यक्रम के अंतर्गत भारत सरकार के स्ट्रेटजिक प्लान 2011-2022 के अनुसार वर्ष 2022 तक 90 प्रतिशत गामीण आबादी को पाइप पेयजल योजनाओं के माध्यम से शुद्घ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने के दृष्टिगत प्रथम चरण के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल लगभग 3700 करोड़ रुपये की पाइप पेयजल योजनाएं स्वीकृत व निर्माणाधीन हैं।”
अखिलेश ने अपने पत्र में कहा है कि इसके अलावा प्रदेश की गुणता प्रभावित कुल 8,661 बस्तियों में पाइप पेयजल योजनाओं के माध्यम से शुद्घ पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 1,000 बस्तियों में भी मई, 2015 तक परियोजनाएं स्वीकृत की जानी हैं, जिसके लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी।
ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम प्रभावित न होने पाए, इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने तथा धनराशि की कटौती न किए जाने का अनुरोध किया है।
dharmpath.com dharmpath