ग्वालियर, 16 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नाजुक हालत की खबर ने मध्य प्रदेश में उनकी गृहनगरी ग्वालियर के लोगों को मायूस कर दिया है।
बड़ी संख्या में लोग कमलसिंह के बाग स्थित उस इमारत के करीब जमा होने लगे हैं, जिसमें कभी पूर्व प्रधानमंत्री रहा करते थे। अब इस इमारत को पुस्तकालय और प्रशिक्षण केंद्र में बदल दिया गया है।
अटल जी का जन्म ग्वालियर में हुआ और उनका बचपन यहीं बीता। वे यहां प्रधानमंत्री बनने के बाद भी आते रहे और उनका लोगों से ठीक वैसा ही लगाव रहा, जैसा बीते दौर में हुआ करता था। बीते नौ साल से अस्वस्थ्य होने के कारण वे ग्वालियर नहीं आ पाए।
अटल जी की भतीजी लक्ष्मी मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया,”बीते नौ साल से अटल जी के यहां नहीं आने का सभी को मलाल है। बचपन की अनेक यादें है, उनका मिलना ही सभी को ऊर्जा देता था। वे देश के भले ही प्रधानमंत्री रहे, मगर हमारे तो चाचा हैं।”
कमलसिंह बाग के मकान के करीब रहने वाले रवींद्र कहते हैं, “अटल जी जब भी ग्वालियर आते थे, तो बच्चों को लेकर ग्वालियर मेला जाते थे, झूला झूलते थे। हर बच्चे के प्रति उनके दिल में स्नेह और प्यार था।”
ग्वालियर के हर वर्ग में मायूसी है। हर तरफ यही कामना की जा रही है कि, वे शीघ्र स्वस्थ्य हों और अपने नगर आएं। मंदिरों से लेकर विभिन्न स्थानों पर पूजा पाठ का दौर जारी हैं ।
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