अधिक दबाव, ध्यान में कमी से होती हैं गलतियां : रानी (साक्षात्कार)

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक को हासिल कर टोक्यो ओलम्पिक का टिकट हासिल करने के लक्ष्य को लेकर इंडोनेशिया गई भारतीय महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल का कहना है कि अधिक दबाव और ध्यान में कमी के कारण गलतियां होती हैं।

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक को हासिल कर टोक्यो ओलम्पिक का टिकट हासिल करने के लक्ष्य को लेकर इंडोनेशिया गई भारतीय महिला टीम की कप्तान रानी रामपाल का कहना है कि अधिक दबाव और ध्यान में कमी के कारण गलतियां होती हैं।

इंडोनेशिया के लिए रवाना होने से पहले राजधानी दिल्ली में आईएएनएस के साथ साक्षात्कार में रानी ने कहा कि एशियाई खेलों में टीम ऐसी गलतियों से बचने की कोशिश करेगी।

जकार्ता और पालेमबाग में होने वाले 18वें एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम 19 अगस्त को मेजबान इंडोनेशिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी।

भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक हासिल किया था। इसके बाद, वह दोबारा सोना नहीं जीत पाई। इस बार वह स्वर्ण का लक्ष्य लेकर इन खेलों में उतरेगी, ताकि टोक्यो ओलम्पिक का टिकट हासिल कर सके।

विश्व कप में भारतीय टीम को पेनाल्टी कॉर्नर को भुना पाने में सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रानी से जब पूछा गया कि आस्ट्रेलिया और हालैंड के डिफेंडर अच्छा ड्रैग फ्लिक करते हैं, लेकिन कहीं न कहीं भारतीय टीम इस क्षेत्र में पीछे है।

इस बारे में कुरुक्षेत्र की निवासी रानी ने कहा, “हमारे पास भी एक ड्रैग फिल्कर है लेकिन पेनाल्टी कॉर्नर के मामले में केवल ड्रैग फ्लिकर की भूमिका अहम नहीं होती। इसमें इंजेक्टर का भी उतना ही हाथ होता है।”

रानी ने कहा, “इंजेक्टर का पुश सही जगह पर होना चाहिए, ताकि ट्रैपर सही तरीके से गेंद को स्ट्रोक कर सके। तभी ड्रैग फ्लिकर को एक अच्छी ड्रैग मारने का मौका मिलता है। अधिक दबाव में और ध्यान में कमी के कारण ऐसी गलतियां हो जाती हैं। भारतीय टीम एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेगी।”

विश्व कप में आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ मिली हार में पर रानी ने कहा, “मुझे लगता है कि आयरलैंड के मैच में हम जो कर सकते थे, हमने किया। हालांकि, हमने इसका सही समापन नहीं किया। विशेषकर क्वार्टर फाइनल में। हमें जो मौके इस मैच में मिले थे, अगर हम उन्हें भुना पाते तो तय समय तक इस मैच को जीत के साथ खत्म किया जा सकता था। यह मैच पेनाल्टी शूटआउट तक नहीं जाता।”

क्वार्टर फाइनल मैच के बाद रानी ने कहा कि उनकी टीम ने काफी चर्चा की और यह समझा कि इन मैचों में मिले अवसरों को भुनाना जरूरी है, क्योंकि जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक जीत मिल पाना मुश्किल है।

भारतीय टीम का अटैक सुधर रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच में भारतीय टीम डिफेंस अच्छा कर रही थी लेकिन काउंटर अटैक नहीं कर पा रही थी। इस पर रानी ने कहा, “ऐसा नहीं है कि हम डिफेंड ही करते हैं। हमारे पास जब भी गेंद होती है, तो इसमें हमें अपने संयोजन को बनाए रखते हुए अधिक से अधिक अवसर बनाने होते हैं। ऐसी ही कई चीजों को हमें ध्यान रखना होता है और एशियाई खेलों में हम अपनी काउंटर अटैक की क्षमता को जरूर दर्शाऐंगे।”

एशियाई खेलों में सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी टीम के बारे में रानी ने कहा, “हम किसी भी टीम को अलग मानकर नहीं चल रहे हैं। हमें केवल अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना है, ताकि हर मैच में हम कमियों को सुधार सकें। जो भी टीम हमारे साथ खेल रही है उसके खिलाफ हमें अपना स्तर बनाए रखने की जरूरत है।”

एशियाई खेलों के लिए पूल-बी में शामिल भारतीय टीम पहला मैच इंडोनेशिया के खिलाफ 19 अगस्त को खेलेगी। इसके बाद वो 21 तारीख को कजाकिस्तान, 25 को कोरिया और 27 को थाईलैंड का सामना करेगी।

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