नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने 2जी मामले में बरी होने के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार को कहा कि उनके ऊपर 2008 में रेडियो वेव स्पेक्ट्रम के आवंटन में 200 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप भी गलत साबित हुए और वह आरोपों से दोषमुक्त हुए।
राजा ने एक बयान में कहा, “मुझे इस फैसले से पहले ही महसूस हुआ था कि मैं दोषमुक्त साबित हो जाऊंगा क्योंकि मेरे द्वारा किए गए कार्यो का परिणाम देश की जनता, खासकर गरीब के लिए फायदेमंद साबित हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि बतौर दूरसंचार मंत्री, उन्होंने भारत में दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांति लाई है। ऐसा कुछ इतिहास में छिपा नहीं है कि जिस व्यक्ति ने क्रांति की शुरुआत की उसे हमेशा अपराधी ही कहा गया।
इससे पहले, एक विशेष अदालत ने मामले में द्रमुक नेता और अन्य सभी आरोपियों को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया।
राजा ने आरोप लगाया कि निहित स्वार्थ के लिए मीडिया का लाभ उठाते हुए और उनके खिलाफ आरोपों को सनसनीखेज बनाकर जनता की धारणा को बदल दिया गया।
राजा ने कहा कि न्यायाधीश ओ.पी. सैनी ने कहा था कि यह मामला सिर्फ अभियोजन पक्ष के आरोपों को साबित करने में नाकाम रहने का नहीं है, बल्कि ऐसा मामला है जहां अभियोजन पक्ष खुद झूठा है। राजा, कथित तौर पर गलत काम के लिए 15 महीने तक जेल में रहे थे।
उन्होंने कहा, “यह मैं पहले दिन से ही कह रहा था।”
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