नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। सर्व सेवा संघ तथा सम्पूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच ने देश में बढ़ती असहिष्णुता तथा धार्मिक-साम्प्रदायिक उन्माद की घटनाओं की निन्दा करते हुए इनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सामाजिक समरसता में विश्वास रखने वाले नागरिक संगठनों को आगे आने की अपील की है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिये 30 नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केन्द्र में नागरिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष महादेव विद्रोही ने एक वक्तव्य में कहा है कि यह देश किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों, मजहबों और जमातों में विश्वास रखने वाले 130 करोड़ लोगों का है। देश के हर नागरिक को धार्मिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। इसे जरा भी ठेस पहुंचाना हजारों वर्ष पुरानी देश की संस्कृति के सर्व धर्म समभाव के ताने बाने को छिन्न करना तथा समूची मानवता को शर्मिन्दा करना है।
ऐसे लोग कभी धर्म और सम्प्रदाय के नाम पर, कभी गाय के नाम पर, तो कभी भाषा और निजी धारणाओं, मान्यताओं को आधार बनाकर आपसी वैर पैदा करते हैं। यही लोग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारों को महिमा मण्डित कर, सहिष्णु समाज में, विद्रोह भाव का बीजारोपण करते हंै।
ऐसे में गांधी-विनोबा और जयप्रकाश के विचारों में आस्था रखने वालों का यह कर्तव्य है कि किसी भी स्थिति में धार्मिक-साम्प्रदायिक सौहार्द को बनाए रखें ताकि सामाजिक सहिष्णुता को विखण्डित होने से बचाया जा सके।
इस मुद्दे पर चर्चा के लिये आगामी 30 नवम्बर को जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय युवा केन्द्र में वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नय्यर की अध्यक्षता में नागरिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के लोकतंत्र एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में आस्था रखने वाले कार्यकर्ता भाग लेंगे। सम्मेलन में सामाजिक सहिष्णुता तथा समरसता को मजबूत करने के लिये कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
सम्मेलन का आयोजन कई संगठन कर रहे हैं जिनमें सर्व सेवा संघ (अखिल भारत सर्वोदय मंडल) सम्पूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच, जन मुक्ति संघर्ष वाहिनी, जनतंत्र समाज, बंधुआ मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय लोक समिति आदि शामिल हैं।
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