सर्वाधिक तबादलों से चर्चा में आए खेमका और एम्स में भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर करने वाले चतुर्वेदी ने ठाकुर से फोन पर वार्ता कर उनसे कहा कि सत्य की लड़ाई में वे तहेदिल से उनके साथ हैं। साथ ही यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है ठाकुर निर्दोष साबित होंगे।
फोन पर बातचीत के बाद ठाकुर ने कहा, “हरियाणा कैडर के इन दो अफसरों की हौसला अफजाई से मुझे न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए जोरदार मानसिक संबल मिला है।”
अखिलेश यादव सरकार ने पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर को अनुशासनहीनता, शासन विरोधी दृष्टिकोण रखने और उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप में 13 जुलाई की देर रात निलंबित किया था।
ठाकुर ने 13 जुलाई को ही दिन में समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी और खुद की जान को खतरा बताते हुए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांगी थी। साथ ही अपने खिलाफ लखनऊ में दायर दुष्कर्म के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।
आईपीएस अमिताभ की सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने अपने पति के निलंबन के अगले दिन कहा था, “उत्तर प्रदेश में जब एक आईपीएस अधिकारी पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज हो सकता है तो निलंबन कोई बड़ी बात नहीं है। उनके निलंबन के फैसले के खिलाफ हम सभी न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।”
वहीं, अमिताभ ठाकुर ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा था, “अगर मेरी गिरफ्तारी होती है तो मैं इसे अपना सौभाग्य समझूंगा। जेल में रहकर ही वहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करूंगा।”
उन्होंने कहा है कि प्रदेश में अधिकारियों का एक बड़ा तबका नेताओं के सामने नतमस्तक हो चुका है और अपने कनिष्ठ अधिकारियों को प्रताड़ित करने में जुटा हुआ है।
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