नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भुगतान समाधान मुहैया कराने वाली अग्रणी वैश्विक कंपनी अमेरिकन एक्सप्रेस ने सोमवार को भारत में बायर इनीशिएटेड पेमेंट (बीआईपी) लांच किया। ‘बीआईपी’ से भुगतान करने पर चेक एवं ड्राफ्ट से पैसा देने की जरूरत नहीं पड़ती। यह कॉर्पोरेट कार्ड से जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक भुगतान मंच है, जो परंपरागत इनवॉइस भुगतान की तुलना में ज्यादा लंबी भुगतान अवधि प्रदान करता है।
कंपनी ने एक बयान में कहा कि ‘बीआईपी’ कंपनियों को डेज पेमेंट आउटस्टैंडिंग (डीपीओ) बढ़ाने में समर्थ बनाएगा, जबकि विक्रेताओं को पैसा समय पर पहुंच जाएगा। यह वेब-आधारित समाधान है, जो कॉर्पोरेट कार्ड से जुड़ा है और वर्तमान प्रक्रियाओं के अनुकूल काम करता है। इसमें समाधान विवरण भी शामिल है। यह विक्रेता के भुगतान पर निगरानी रखना आसान बनाता है। ‘बीआईपी’ संस्थानों एवं उनके विक्रेताओं को डिजिटल तरीके से व्यापार चक्र में भाग लेने में मदद करता है, जिससे चेक एवं ड्राफ्ट से पैसा देने की जरूरत नहीं पड़ती।
अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक (ग्लोबल कॉर्पोरेट पेमेंट्स) सारु कौशल ने बताया, “डिजिटल बनना कंपनी के लिए पैसे देने और लेने का तीव्र तरीका ही नहीं है, बल्कि यह व्यापार प्रक्रिया का खर्च घटाने और खर्च पर निगरानी व नियंत्रित रखने का अधिक प्रभावशाली तरीका भी मुहैया कराता है। हमें भरोसा है कि ‘बीआईपी’ कॉर्पोरेट और विक्रेताओं को अपनी भुगतान प्रक्रियाओं को पंक्तिबद्ध करके डिजिटल अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में बढ़ने में मदद करेगा।”
‘बीआईपी’ द्वारा विक्रेताओं को पैसा सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगा और इस जमा राशि की इलेक्ट्रॉनिक सूचना भी मिलेगी। ‘बीआईपी’ यह भी सुनिश्चित करता है कि विक्रेताओं को उनके समझौते की शर्तों के अनुसार पैसा मिले और वो इसी पर निगरानी रख पाएं। परंपरागत रूप से संस्थानों एवं विक्रेताओं के बीच सामान एवं सेवाओं के आदान-प्रदान की वित्तीय औपचारिकताएं पूरी करने के लंबे काम तथा पैसा पहुंचने में कम से कम 60 दिन का समय लगता था।
dharmpath.com dharmpath