वाशिंगटन, 3 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी ने एक मेमो जारी कर वरिष्ठ कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर राष्ट्रपति ट्रंप के एक पूर्व प्रचार सलाहकार की जांच के संबंध में अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जारी इस मेमो ने जहां एक तरफ व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन के बीच तो दूसरी तरफ न्याय विभाग और एफबीआई के बीच बढ़ रहे अविश्वास को और बढ़ा दिया है।
हालांकि, एफबीईआई ने इस चार पृष्ठों के दस्तावेज को गलत बताया है।
रिपब्लिकन पार्टी ने शुक्रवार को हाउस इंटेलिजेंस कमिटी के पटल पर इस मेमो को जारी किया, जिसके बाद से इसे लेकर माहौल गर्माया हुआ है।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं को बताया, “मुझे लगता है कि जो भी हो रहा है, वह काफी शर्मनाक है। काफी लोगों को खुद पर शर्मिदा होना चाहिए।”
एफबीआई ने सार्वजनिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा लेकिन एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर ए. रे ने अपने कर्मचारियों को एक वीडियो और एक लिखित बयान भेजकर इस विवाद से भ्रमित नहीं होने का आग्रह किया है।
रे ने कहा, “अमेरिकी लोग समाचार पत्र पढ़ते हैं और केबल टीवी और सोशल मीडिया पर काफी कुछ सुनते हैं। लेकिन वे साथ ही उस काम को भी देखते और समझते हैं जो आप वास्तव में जो काम करते हैं, फिर चाहे वह समुदायों को सुरक्षित रखना हो, हमारे देश को सुरक्षित रखना हो या संवेदनशील मामलों से निपटना और मुश्किल परिस्थितियों में फैसले लेना हो।”
उन्होंने कहा, “और यह काम ही हमेशा अधिक महत्व रखता है। बातें करना बेमानी है, आप जो काम करते हैं, वही मायने रखता है।”
रिपब्लिकन पार्टी द्वारा जारी चार पेज के मेमो में कहा गया है कि उनकी जांच में न्याय विभाग की वैधता और विदेशी खुफिया निगरानी अदालत (एफआईएससी) के साथ एफबीआई की बातचीत पर सवाल खड़े हुए हैं।”
dharmpath.com dharmpath