नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे विवाद के कारण वैश्विक कारोबार 2018 में प्रभावित होगा। द इकॉनमिक इंटेलिजेंट यूनिट (द ईआईयू) की रपट में यह जानकारी दी गई है।
द इकॉनॉमिक के शोध व विश्लेषण खंड द्वारा तैयार की गई इस रपट में कहा गया है कि “फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। लेकिन हमारा मानना है कि जब प्रस्तावित टैरिफ पूरी तरह से लागू हो जाएगा, तो इस बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।”
रपट में कहा गया है, “हमें उम्मीद है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के जवाब में चीन भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगाएगा।”
हालांकि इस रपट में कहा गया है कि वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर 2019-22 की अवधि में लगातार धीमी रहेगी।
रपट में कहा गया है, “हमारा अनुमान है कि संरक्षणवाद में वृद्धि होगी, लेकिन व्यापार युद्ध की नौबत नहीं आएगी। हालांकि वैश्विक व्यापार की वृद्धि दर 2019-22 के बीच धीमी रहेगी, जिसका सालाना औसत 3.5 फीसदी होगा।”
इसके अलावा, रपट में कहा गया है कि “नए मुक्त व्यापार सौदों के लिए भूख” बाकी दुनिया में जारी रहेगी।
रपट में कहा गया है, “अमेरिका के बहुपक्षीय व्यापार उदारीकरण से दूर होने के बाद, ट्रम्प ने 12 सदस्यीय ट्रांस पैसिफिक भागीदारी (टीपीपी) से अमेरिका को बाहर निकाल लिया। ऐसे में चीन के पास इस भागीदारी के नियमों को निर्धारित करने में मदद करने का अवसर है।”
क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) को लेकर चल रही बातचीत के बारे में, रपट में कहा गया है कि यह “जारी रहेगा, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि अगले पांच वर्षों में इन वार्ता का निष्कर्ष निकाला जाएगा।”
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