करुणासेना ने कहा कि अमेरिका को चाहिए कि वह चीन को अलग-थलग करने के लिए कुछ सहयोगी देशों का ध्रुवीकरण बंद करे। अमेरिका का ऐसा कोई भी प्रयास एशिया प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता एवं सुरक्षा को कमजोर करेगा।
करुणासेना ने एक साक्षात्कार में कहा, “इस मामले से संबंधित देशों को बातचीत की मेज पर आना चाहिए और दक्षिण चीन सागर विवाद का समाधान करने के लिए आपसी चर्चा करनी चाहिए।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “हम सभी जानते हैं कि चीन शांति चाहता है।”
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